ट्रेन बंद होने से 30 फीसद घटी टिकटों की बिक्री

संवाद सूत्र, लक्सर: यार्ड रिमॉडलिग कार्य के चलते ट्रेनों का संचालन बंद होने से जहां यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं रेलवे की कमाई पर भी असर पड़ा है। लक्सर रेलवे स्टेशन पर टिकटों की ब्रिकी 30 फीसद तक घट गई है। वहीं ट्रेनें बंद होने से प्लेटफार्म पर खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों की रोजी-रोटी पर भी संकट आ गया है।

बता दें कि पिछले दिनों लक्सर-हरिद्वार रेलखंड पर डबल ट्रैक के कार्य के दौरान कई ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था। इसके बाद अब देहरादून में यार्ड रिमॉडलिग कार्य के चलते हरिद्वार-देहरादून से आने-जाने वाली अधिकांश ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया है। यह स्थिति फरवरी माह तक रहेगी। इससे यहां ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इसका असर रेलवे की कमाई पर भी पड़ा है। लक्सर रेलवे स्टेशन पर रोजना चार से पांच हजार तक टिकटों की बिक्री होती थी, जो अब तीस फीसद तक कम हो गई है। सीवीएस कौशल कुमार ने बताया कि हरिद्वार-देहरादून रूट पर टिकटों की बिक्री पर सबसे अधिक असर पड़ा है। ट्रेन बंद होने का असर प्लेटफार्म पर खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों पर भी पड़ा है, उनकी कमाई बहुत कम हो गई है। अधिकांश वेंडर कमीशन पर ठीकेदारों के पास काम करते हैं। ठीकेदार द्वारा इसके लिए उनसे प्रतिदिन सात सौ से लेकर पंद्रह सौ रुपये तक लिए जाते हैं। ट्रेन बंद होने से सेल कम हो गई है, लेकिन ठीकेदार को प्रतिदिन किराये का भुगतान पहले की तरह करना पड़ता है। इससे कई वेंडरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। वेंडर सईद, बॉबी, नवीन आदि के अनुसार पहले रोजाना ठीकेदार को पैसे देने के बाद पांच सौ से एक हजार तक बच जाते थे। लेकिन, अब ठीकेदार का पैसा ही पूरा करना मुश्किल हो रहा है। वहीं स्टेशन अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि टिकटों की बिक्री पर असर पड़ा है। मार्च से सबकुछ सामान्य हो जाएगा।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.