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290 प्रवासियों के साथ श्रमिक स्पेशल पश्चिम बंगाल रवाना

जागरण संवाददाता, हरिद्वार: पश्चिम बंगाल के 290 प्रवासियों को लेकर दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन हरिद्वार रेलवे स्टेशन से मंगलवार शाम करीब चार बजे रवाना हुई। प्लेटफार्म के अलावा ट्रेन में शारीरिक दूरी मानकों का पालन कराया गया। इस दौरान प्रवासियों को प्रशासन की ओर से लंच पैकेट भी दिए गए। करीब सवा दो महीने से हरिद्वार में फंसे इन प्रवासियों के चेहरे पर घर जाने की खुशी साफ झलक रही थी।

लॉकडाउन के चलते हरिद्वार के अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के प्रवासी फंसे हैं। पहले चरण में 17 मई को 1148 प्रवासियों को लेकर पश्चिम बंगाल के लिये एक श्रमिक स्पेशल रवाना हुई थी। ट्रेन में जगह न होने के चलते कुछ प्रवासियों को प्रशासन ने दूसरी ट्रेन से भिजवाने का आश्वासन दिया था। इस बीच बंगाल में चक्रवाती तूफान के चलते प्रशासन की ओर से इन्हें भिजवाना संभव नहीं हो पा रहा था। स्थिति अनुकूल होने पर मंगलवार को पश्चिम बंगाल मालदा टाउन के लिये ट्रेन भिजवाई गई। ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर तीन बजे की जगह शाम 3.55 पर रवाना हुई। रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार रामपुर स्टेशन पर उधमसिंह नगर में फंसे बंगाल के 175 प्रवासी भी इस ट्रेन में सवार होंगे। इस दौरान सीडीओ विनीत तोमर, एडीएम वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा, जीआरपी एएसपी मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, एसीएमओ डॉ. एचडी शाक्य, बीईओ अजय चौधरी, जीआरपी एसओ अनुज सिंह आदि मौजूद रहे। प्रवासियों की प्रतिक्रिया

17 मार्च को पश्चिम बंगाल से हरिद्वार के लिये चले थे। 19 मई को यहां पहुंचे। 21 तारीख को लॉकडाउन शुरू होने के चलते यहीं फंसे थे। भूपतवाला में एक होटल में प्रशासन की ओर से रोका गया। प्रशासन की ओर से ट्रेन की व्यवस्था कर उन्हें घर भिजवाया जा रहा है। बहुत खुशी हो रही है।

साहिब कोले, हुगली

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17 मई को एक ट्रेन पश्चिम बंगाल गई थी लेकिन जगह न होने के चलते प्रशासन ने उन्हें दूसरी ट्रेन से भिजवाने का भरोसा दिया था। घर जा रहे हैं। बहुल खुशी हो रही है।

शुभेंद्रु, हुगली

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17 मार्च को बंगाल से हरिद्वार घूमने आये थे। 20 मार्च को जनता क‌र्फ्यू और इसके बाद लगातार लॉकडाउन के चलते यहीं फंसे थे। स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था कर प्रशासन उन्हें घर भिजवा रहा है। इसके लिये सभी का धन्यवाद।

शुभोजीत, हुगली

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करीब ढाई महीने से हरिद्वार में फंसे थे। भूपवाला क्षेत्र के एक होटल में उन्हें रुकवाया गया था। अब घर जा रहे हैं। काफी खुश हूं।

सत्यजीत, हुगली

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