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बढ़ती गर्मी से हो रही मुसीबत

जागरण संवाददाता, रुड़की: रुड़की शहर और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है। चिलचिलाती धूप हर किसी को परेशान कर रही है। धूल भरी गर्म हवाएं आंखें लाल कर रही हैं। आंखों में लाली, चुभन, खुजली और दर्द की शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में मरीज सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ के अनुसार ये लक्षण एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के हैं। थोड़ी सावधानी बरतकर इन नेत्र विकारों से बचा जा सकता है।

अप्रैल में ही शिक्षानगरी तपने लगी है। पारा 37 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। दोपहर में गर्म हवाओं के चलने से वातावरण में मौजूद धूल कण आंखों में प्रवेश कर रहे हैं। इससे आंखों में लाली, चुभन, दर्द, पानी आने जैसी शिकायतें आ रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ये लक्षण एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के हैं। सिविल अस्पताल के साथ ही निजी चिकित्सकों के पास रोजाना बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। शहर के नेत्र चिकित्सक डॉ. रोहित कपूर के अनुसार गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। साथ ही इन दिनों गेहूं की कटाई भी चल रही है। वातावरण में मौजूद धूलकण हवाओं के साथ आंखों में प्रवेश कर रहे हैं। गंदे हाथों से आंखों को रगड़ने के चलते आंखें लाल हो रही हैं। बीते कुछ दिन से रोजाना अस्पताल में ऐसे मरीज आ रहे हैं। डॉ. कपूर के अनुसार आंखों में चुभन, खुजली आदि शिकायतें आने पर आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए। ठंडे साफ पानी से आंखों को दिन भर में तीन से चार बार धोने से आराम मिलता है। अपनी मर्जी से आंखों में आई ड्राप आदि डालने से बचना चाहिए। ज्यादा परेशानी होने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिये।

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इन बातों का रखें ख्याल

- आंखों को तेज धूप के साथ ही धूल कणों से बचाएं

- गर्मियों में अच्छे सन ग्लासेज का प्रयोग करें

- आंखों में धूल कण पड़ने पर ठंडे साफ पानी से कई दफा धोएं

- ज्यादा परेशानी होने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं

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