Haridwar Kumbh Mela 2021: धूमधाम से निकाली गई बैरागी खालसों की पेशवाई

Haridwar Kumbh Mela 2021: धूमधाम से निकाली गई बैरागी खालसों की पेशवाई।

Haridwar Kumbh Mela 2021 निर्मोही पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कनीराम दास बापू महाराज की ओर से श्री रामनगर दुधरेज खालसा भगवान श्री बड़वाला नगर खालसा और श्री कल्याण नगर खालसा के संतों की पेशवाई भूपतवाला स्थित श्री वैष्णो देवी शक्ति पीठ आश्रम से धूमधाम के साथ श्रीराम नगर दुधरेज खालसा पहुंची।

Raksha PanthriSat, 10 Apr 2021 03:51 PM (IST)

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 निर्मोही पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कनीराम दास बापू महाराज की ओर से श्री रामनगर दुधरेज खालसा, भगवान श्री बड़वाला नगर खालसा और श्री कल्याण नगर खालसा के संतों की पेशवाई भूपतवाला स्थित श्री वैष्णो देवी शक्ति पीठ आश्रम से धूमधाम के साथ बैरागी कैंप स्थित श्रीराम नगर दुधरेज खालसा में पहुंची। 

पेशवाई का अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज, महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा और महंत रामजी दास महाराज ने पुष्प वर्षा कर और महामंडलेश्वर स्वामी कनीराम दास बापू महाराज को शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। इस दौरान श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि वैष्णव संत कुंभ मेले की शान हैं। जो भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की पताका को फहराते हुए भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। वैष्णव अखाड़ों की गौरवशाली परंपराएं पूरे भारत में विद्यमान है और वैष्णव खालसे धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव अहम भूमिका निभाते चले आ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान वैष्णव संतों की ओर से अनवरत अन्न क्षेत्र चलाकर सर्व समाज को सेवा का संदेश दिया जाता है। निर्मोही पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कनीराम दास बापू महाराज ने कहा कि कुंभ मेला अलौकिक रूप से संपन्न हो इसके लिए हनुमान जी से कामना की गई है। साथ ही, देश दुनिया से कोरोना महामारी जल्द समाप्त हो इसके लिए संपूर्ण संत समाज कामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि पतित पावनी मां गंगा के आशीर्वाद से जल्द ही कोरोना महामारी समाप्त होगी और विश्व में फिर से खुशहाली लौटेगी। उन्होंने कहा कि लोक आस्था का महापर्व कुंभ मेला विश्व दर्शनीय होता है, जिसकी आलौकिक छटा सभी को अपनी और आकर्षित करती है। 

महामंडलेश्वर स्वामी सांवरिया बाबा महाराज ने कहा कि कुंभ मेला सनातन धर्म के महत्व को दर्शाता है। कुंभ मेले के दौरान स्नान करने मात्र से व्यक्ति के जन्म जन्मांतर के पापों का शमन हो जाता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा हरिद्वार आध्यात्मिक और धार्मिक केंद्र के रूप में ही नहीं बल्कि विज्ञान, संस्कृति और शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। यहां पर आने वाले श्रद्धालु भक्त संतों एवं तीर्थ के दर्शन मात्र से ही धन्य हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालु कोरोना नियमों का पालन अवश्य करें। इस दौरान श्रीमहंत धर्मदास, श्रीमहंत कृष्णदास नगरिया, महंत गौरी शंकर दास, महंत रामजी दास, महंत रामशरण दास, महंत नरेंद्र दास, महंत महेश दास, महंत प्रेमदास, महंत लाल दास, महंत नागर दास, महंत मुकुंद रामदास सहित बड़ी संख्या में संत महापुरुष उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा- 51 मंदिरों को देवस्थानम बोर्ड से बाहर करने को पुनर्विचार

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.