Haridwar Kumbh Mela 2021: निश्चित होता है धर्मध्वजा का पारंपरिक विधान, पढ़ि‍ए पूरी खबर

श्रीपंचदशनाम् जूना अखाड़ा की मायादेवी मंदिर परिसर में बुधवार को स्थापित हुई धर्मध्वजा।

Haridwar Kumbh Mela 2021 संन्यासी तथा बैरागी अखाड़ों में धर्म ध्वजा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसकी रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान कर देना एक संन्यासी का परम कर्तव्‍य होता है। धर्मध्वजा का एक निश्चित तथा पारंपरिक विधान है। उसी का पालन करते हुए इसकी विधिवत स्थापना की जाती है।

Sunil NegiThu, 04 Mar 2021 01:13 PM (IST)

संवाद सहयोगी, हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 संन्यासी तथा बैरागी अखाड़ों में धर्म ध्वजा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसकी रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान कर देना एक संन्यासी का परम कर्तव्‍य होता है। धर्मध्वजा का एक निश्चित तथा पारंपरिक विधान है। उसी का पालन करते हुए इसकी विधिवत स्थापना की जाती है। जूना अखाड़े के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व प्रवक्ता श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती बताते हैं कि करीब 52 हाथ ऊंची धर्म ध्वजा में 52 बंध लगाए जाते है। इसे चार रस्सियों के सहारे स्थिर किया जाता है। इन चारों रस्सियों पर अखाड़े की चारों मढियों, 13 मढी, 4 मढ़ी, 14 मढी तथा 16 मढी के श्रीमहंत अपना शिविर स्थापित कर इसकी रक्षा के लिए नागा संन्यासी तैनात कर देते है।

उन्होंने बताया मुगल काल में नागा संन्यासियों का मुस्लिम आक्रांताओं व राजाओं से खूनी संघर्ष होता रहता था। जिनमें विजय प्राप्त कर लेने के बाद नागा फौज धर्म ध्वजा स्थापित कर देते थे। जो उनकी विजय का प्रतीक होती थी। इन धर्म ध्वजाओं को कोई हानि न हो या इसे कोई ध्वस्त न कर दें इसलिए उसके चारों आम्नाओं या तनियों पर नागा सैनिक दिन रात तैनात रहते थे।

श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती बताते है कि बावन हाथ ऊंची धर्मध्वाजा वास्तव में बावन मढियों, बावन शक्ति पीठ, बावन सिद्धपीठ की परिकल्पना है। इसका मकसद पूरे देश की सनातन धर्म शक्ति का सामूहिक व सांगठनिक एकता प्रदर्शित करना है। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए चारों दिशाओं में चार मढों ज्योतिषपीठ, शारदापीठ, गोर्वधन पीठ तथा द्वारिकापीठ की स्थापना कर चार शंकराचार्य बनाए थे। इन चारों पीठ को चार आम्नाओं से जोड़ा गया। धर्म ध्वजा की चार रस्सियां इन्ही आम्नाओं का प्रतीक हैं जो कि पूरब, पश्चिम, उत्तर तथा दक्षिण को एक सूत्र में बांधकर धर्म की रक्षा करती हैं।

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