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डीएम ने लगाई नकद खाद की बिक्री पर रोक

संवाद सहयोगी, हरिद्वार: ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर नई रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान खाद की रैक न उतरने के चलते रुड़की रेलवे स्टेशन पर खाद की रैक उतारी गई है। जिसे सरकारी गोदामों में पहुंचाना शुरू कर दिया गया है। उधर, जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने खाद की नकद बिक्री पर रोक लगाते हुए केवल समिति से जुड़े सदस्यों को ही खाद देने के निर्देश जारी किए हैं।

बरसात में फसलों की बढ़वार के लिए खाद की डिमांड बढ़ जाती है। सबसे अधिक खाद की आवश्यकता धान की रोपाई और गन्ने में पड़ती है। लेकिन, किसानों को फसलों में खाद डालने के लिए नहीं मिल पा रहा था। जिससे उन्हें महंगे दामों पर यूरिया खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। लेकिन, रेलवे स्टेशन पर रेलवे लाइन डालने का काम चलने के चलते यूरिया की रैक नहीं उतर पाई। ज्वालापुर की बजाय रुड़की रेलवे स्टेशन पर खाद की रैक उतारने को मंजूरी ली गई थी। लेकिन, ट्रक यूनियनों के गतिरोध के चलते रुड़की रेलवे स्टेशन पर भी खाद की रैक नहीं उतर पा रही थी। गुरुवार को रुड़की रेलवे स्टेशन पर 2600 मीट्रिक टन यूरिया की रैक उतरी। वहीं, जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने सहकारी समितियों के जिला सहायक निबंधक मान सिंह सैनी और सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह को आदेश जारी किए हैं कि समितियों के गोदामों से नकद खाद की बिक्री न की जाए। केवल समिति के सदस्यों को ही ऋण के आधार पर खाद वितरित की जाए। साथ ही कहा कि प्रत्येक किसान को पांच बोरे से अधिक खाद नहीं दिया जाए। खाद की व्यवस्थित बिक्री के लिए एसएसपी को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए कहा है। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने बताया कि जल्द ही एक और खाद की रैक मंगाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसानों को खाद की दिक्कत न हो सके।

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