जिला पंचायत अध्यक्ष को आयुक्त कोर्ट से राहत

जिला पंचायत अध्यक्ष को आयुक्त कोर्ट से राहत
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 11:22 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, हरिद्वार: जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा को गढ़वाल मंडल आयुक्त की कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी है। दरअसल, मंडल आयुक्त ने जिलाधिकारी सी रवि शंकर के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने उनकी जिला पंचायत सदस्यता को निरस्त कर दिया था। इससे वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद से भी स्वत: ही बर्खास्त हो गए थे। गढ़वाल मंडल आयुक्त के इस आदेश से जिला पंचायत अध्यक्ष गुट में खुशी का माहौल है।

भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र की मानकपुर आदमपुर सीट पर हुए जिला पंचायत के उपचुनाव में सुभाष वर्मा निर्वाचित हुए थे। बाद में पिछले साल 16 दिसंबर में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे सुभाष वर्मा ने जीत दर्ज कर भाजपा के पाले में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी डाल दी थी, लेकिन उनके अध्यक्ष निर्वाचित होते ही लक्सर क्षेत्र के ढाढेकी गांव निवासी अरविद कुमार की ओर से शासन में शिकायत कर उनकी सदस्यता पर सवाल उठाए गए थे। शिकायत में कहा था चूंकि जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा आसफनगर के रहने वाले हैं और अब आसफनगर रुड़की नगर निगम में शामिल हो गया है। ऐसे में न तो उनकी जिला पंचायत की सदस्यता रहती है और न ही उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहने का कोई अधिकार है। उन्होंने सुभाष वर्मा की सदस्यता समाप्त करने के साथ ही उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से बर्खास्त करने की मांग की थी, लेकिन मामले में शासन की तरफ से कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर नौ सितंबर को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिलाधिकारी को सदस्यता पर निर्णय लेकर अवगत कराने के आदेश जारी किए थे। हाईकोर्ट के आदेशों पर जिलाधिकारी सी रविशंकर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की सदस्यता पंचायत एक्ट के तहत निरस्त कर दी थी। इससे वह जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से बर्खास्त हो गए थे। जिलाधिकारी ने अपने इस निर्णय को हाईकोर्ट में भेज दिया था। इससे जिला पंचायत अध्यक्ष के समर्थकों में मायूसी छा गई थी, लेकिन गुरुवार को गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन ने जिलाधिकारी सी. रवि शंकर के सदस्यता निरस्त संबंधी आदेशों पर नौ अक्टूबर तक रोक लगा दी है। नौ अक्तूबर को सुनवाई के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त ने जिलाधिकारी को भी मामले से जुड़ी सभी पत्रावलियों के साथ पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है। उधर, हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता अरविद ने बताया कि मामले को लेकर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी है। बताया कि शुक्रवार को हाईकोर्ट में मामले कि फिर से सुनवाई होगी। उधर, 24 घंटे में ही जिलाधिकारी के आदेशों को गढ़वाल मंडल आयुक्त की ओर से पलट दिए जाने से विपक्षियों को तगड़ा झटका लगा है।

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