श्रावण मास की महाशिवरात्रि पर शिवालयों में जलाभिषेक कर लगाए बम-बम भोले के जयकारे

श्रावण मास की शिवरात्रि पर शहर से लेकर देहात तक सभी शिवालयों और मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। तड़के शुरू हुआ जलाभिषेक देर शाम तक जारी रहा। बम-बम भोले के जयकारों से मठ-मंदिर और शिवालय गूंजते रहे। मंदिर समितियों की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए थे।

Sunil NegiFri, 06 Aug 2021 12:40 PM (IST)
श्रावण मास की महाशिवरात्रि पर हरिद्वार के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार: श्रावण मास की शिवरात्रि पर शहर से लेकर देहात तक सभी शिवालयों और मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। तड़के शुरू हुआ जलाभिषेक देर शाम तक जारी रहा। बम-बम भोले के जयकारों से मठ-मंदिर और शिवालय गूंजते रहे। कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए मंदिर समितियों की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मी भी तैनात रहे। शारीरिक दूरी आदि मानकों का कड़ाई से पालन कराया गया।

श्रावण मास की शिवरात्रि पर शुक्रवार ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गया। आशुतोष की ससुराल कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर, तिल भांडेश्वर, दरिद्र भंजन आदि मंदिरों में जबरदस्त भीड़ दिखी। श्रद्धालुओं ने गंगाजल के अलावा भांग, धतूरा, बेलपत्र, फल-फूल, दूध, घी, गन्ने का रस आदि से भोले का अभिषेक किया। साथ ही परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर, नीलेश्वर महादेव, पीपलेश्वर महादेव आदि मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शिवरात्रि पर शिवालयों की साज-सज्जा देखते ही बन रही है। मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। साथ ही भगवान शिव की प्रतिमा और शिवलिंग का भव्य शृंगार किया गया है। कनखल हरिहर आश्रम स्थित पारदेश्वर महादेव मंदिर में भी महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्री दक्षिण काली मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। डा. अनिल ज्योतिषाचार्य, आचार्य मनोज शर्मा, काजल, नितिका गौड़, पूनम शर्मा आदि ने चंडी घाट पर पार्थिव शिवङ्क्षलग बनाकर पूजन किया। लालढांग और बहादराबाद क्षेत्र के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

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हरिद्वार: पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी स्थित चरण पादुका मंदिर में श्रावण मास की पावन बेला पर मंशेश्वर महादेव शिवङ्क्षलग और नंदी की ब्राह्मणों की ओर से वेद मंत्रों के साथ रुद्राभिषेक कर प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ की गई। हवन कर स्थापना के बाद आरती कर भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की गई।

मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रङ्क्षवद्रपुरी महाराज ने बताया कि श्रावण मास के शिवरात्रि पर्व पर मंशेश्वर महादेव शिवङ्क्षलग और नंदी की मनसा देवी चरण पादुका मंदिर परिसर में वेदमंत्रों के साथ रुद्राभिषेक कर प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान के अनुसार स्थापना की गई। पंडित सुरेश तिवारी, मुन्ना पंडित, मोहन चंद पांडे, जगदीश जोशी, रमेश उप्रेती, हेमचंद जोशी, शिव नारायण शर्मा, कैलाश भारती की ओर से मंत्रोच्चारण किया गया।

शिवरात्रि पर भगवान शिव का हुआ जलाभिषेक

लक्सर: श्रावण मास की शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। सुबह से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला शाम तक चला। शनिवार को भी जलाभिषेक किया जाएगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शाम करीब साढ़े छह बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू होने पर इस बार शिवरात्रि पर शाम से लेकर अगले दिन यानि शनिवार तक जलाभिषेक किया जाना है। लेकिन, शुक्रवार सुबह से ही लक्सर क्षेत्र के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू हो गया। नगर के सिमली स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पंचलेश्वर महादेव मंदिर पंचेवली, पथरेश्वर महादेव मंदिर पथरी और खानपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर समेत क्षेत्र के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। कांवड़ मेला स्थगित होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। लेकिन, इसके बावजूद मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्राचीन शिव मंदिर सिमली के पुजारी अरङ्क्षवद शर्मा ने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर शनिवार को भी जलाभिषेक किया जाएगा।

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