भाकियू ने घेरा निगम का दफ्तर, ईई और जेई को बनाया बंधक

ऊर्जा निगम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) रोड गुट ने अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव किया। साथ ही नारेबाजी करते हुए अधिशासी अभियंता (ईई) और जूनियर इंजीनियर (जेई) को बंधक बना लिया।

JagranTue, 28 Sep 2021 07:19 PM (IST)
भाकियू ने घेरा निगम का दफ्तर, ईई और जेई को बनाया बंधक

जागरण संवाददाता, रुड़की: ऊर्जा निगम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) रोड गुट ने अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव किया। साथ ही, नारेबाजी करते हुए अधिशासी अभियंता (ईई) और जूनियर इंजीनियर (जेई) को बंधक बना लिया। अधिकारियों के तीन दिन में कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद ही किसान शांत हुए और चार घंटे बाद अधिकारियों को बंधन मुक्त किया।

मंगलवार को भाकियू रोड गुट के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बेहडकी, सैदाबाद, देवपुरा, खाताखेड़ी, माजरा, मूलेवाला, सोहलपुर और सिकरौढ़ा गांव के किसान प्रशासनिक भवन में पहुंचे। यहां पर किसान जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए अधिशासी अभियंता ग्रामीण के दफ्तर पर पहुंच गए और धरना देकर बैठ गए। किसानों ने दफ्तर को घेर लिया। इसके बाद किसानों ने अधिशासी अभियंता एवं जूनियर इंजीनियर को बंधक बनाकर धरना स्थल पर बैठा लिया। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड ने कहा कि निगम का एक जेई लगातार किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। बिजली चोरी के नाम पर किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे लिखवा रहा है। उन्होंने जेई पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का भी आरोप लगाया। इसके बाद अधिकारियों ने वार्ता की। तीन दिन का समय दिया। तब कहीं जाकर किसान शांत हुए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नाजिम अली, युवा जिला अध्यक्ष संजीव कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष मुबारक अली, प्रदेश महासचिव हाजी मौ. इरशाद, प्रदेश सचिव अनीस अहमद, कारी शहजाद, रियासत, महेंद्र सैनी, सतीश कुमार सैनी, मोहम्मद आलम, राजवीर सैनी, रामदास, शोभाराम, मंगत राम सैनी, अमित पाल, सत्यपाल, शमशाद, अनीश आदि किसान मौजूद रहे।

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पांच मिनट में बाहर न आए तो..

रुड़की: मंगलवार को जब काफी देर तक अधिकारी किसानों के बीच उनकी समस्याएं सुनने नहीं पहुंचे तो उन्होंने माइक पर अधिकारियों को पांच मिनट में बाहर आने का अल्टीमेटम दिया। किसानों ने माइक पर कहा कि किसान बाहर धूप में बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अधिकारी अंदर कार्यालय में एसी में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं सम्मानित तरीके से कार्यालय से बाहर किसानों के बीच आ जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान स्वयं अधिकारियों को बाहर लाएंगे। किसान हर मिनट में एक मिनट कम होने का अल्टीमेटम देते रहे। ऐसे में ठीक तीन मिनट शेष बचने पर जेई बाहर आ गए। इसके बाद जैसे ही अंतिम मिनट में किसानों ने खड़े होने की बात कही तो ईई भी बाहर आ गए। इसके बाद किसानों की अधिकारियों से वार्ता शुरू हुई।

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सिलिडर और चूल्हा लेकर पहुंचे थे किसान

रुड़की: भाकियू रोड गुट के किसान ऊर्जा निगम से आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बनाकर धरना-प्रदर्शन में पहुंचे थे। किसान अपने साथ खाना बनाने के लिए सिलिडर, चूल्हा, बर्तन और अनाज लेकर आए थे। किसानों ने धरना शुरू होने के एक घंटे बाद ही खाना बनाना भी शुरू कर दिया था। करीब एक घंटे बाद खाना तैयार हुआ तो पंगत में बैठकर किसान खाना खाते रहे और धरने में बैठते रहे। किसानों ने स्पष्ट कर दिया था कि मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा।

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