24 घंटे टेस्ट का दावा, पांच घंटे में ही लटका ताला

24 घंटे टेस्ट का दावा, पांच घंटे में ही लटका ताला

सरकारी अस्पतालों में इलाज को आने वाले मरीजों की सुविधा को शासन ने राउंड द क्लॉक एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था शुरू की।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 06:36 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, हरिद्वार : सरकारी अस्पतालों में इलाज को आने वाले मरीजों की सुविधा को शासन ने राउंड द क्लॉक एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था शुरू की। इसके लिए दिल्ली की एक निजी लैब से अनुबंध किया। लेकिन, जिला अस्पताल स्थित केंद्र पर मरीजों को 24 घंटे इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। केंद्र केवल कुछ घंटे ही खुला रहता है। हैरत की बात यह कि इस मामले में स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार भी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। ऐसे में जिस उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की गई वह पूरी होती नहीं दिख रही है।

कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए शासन ने टेस्ट, ट्रीट एवं ट्रैक नीति के तहत प्रमुख सरकारी अस्पतालों में कोविड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य महानिदेशक के 28 सितंबर के आदेश के क्रम में तिलक नगर दिल्ली की मैसर्स स्टार इमेजिग एवं पैथ प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया। जिला अस्पताल हरिद्वार के अलावा रुड़की सिविल अस्पताल और उर्स मेले तक के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलियर में यह व्यवस्था शुरू की गई। बात जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल की करें तो यहां तीन नवंबर से अस्पताल परिसर में बने गैराज में परीक्षण केंद्र चल रहा है। लेकिन, यहां राउंड द क्लॉक केंद्र संचालित होने की अनुबंध शर्तों का पालन होता नहीं दिख रहा है। महज पांच से छह घंटे ही मरीजों को इसका लाभ मिल पा रहा है। सुबह साढ़े दस बजे खुलने वाले केंद्र पर शाम पांच बजते-बजते ताला लटक जाता है। हैरत की बात यह कि केंद्र को संचालित करने के लिए पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। जबकि, नियमानुसार लैब टेक्नीशियन के अलावा तीन स्टाफ होने चाहिए।

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डीजी हेल्थ के आदेश पर संबंधित फर्म को अस्पताल में जगह मुहैया कराई गई है। केंद्र राउंड द क्लॉक क्यों नहीं संचालित हो पा रहा है इस बारे में उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं।

डॉ. चंदन मिश्रा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल, हरिद्वार राउंड द क्लॉक केंद्र क्यों संचालित नहीं हो रहा है इस बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का फोकस आरटीपीसीआर जांच पर है।

-डॉ. एसके झा, सीएमओ, हरिद्वार

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