मां दुर्गा के पांचवें रूप स्कंदमाता की पूजा कर मांगी मन्नत

मां दुर्गा के पांचवें रूप स्कंदमाता की पूजा कर मांगी मन्नत।

मां दुर्गा के पांचवें रूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि की कामना की। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अधिकांश श्रद्धालुओं ने घर पर ही पूजा की। वहीं मंदिरों में कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

Sunil NegiSat, 17 Apr 2021 10:53 AM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। मां दुर्गा के पांचवें रूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि की कामना की। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अधिकांश श्रद्धालुओं ने घर पर ही पूजा की। वहीं, मंदिरों में कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर समिति की ओर से शारीरिक दूरी बनाकर पूजा करने की अपील का श्रद्धालुओं ने पालन किया। पंडित आशीष उनियाल ने बताया कि मां के स्वरूप का ध्यान हमारे जीवन के अंधकारों, प्रतिशोध, लालच, क्रोध को शमन कर ज्ञान व तेज आदि सद्गुणों के प्रकाश की ओर ले जाता है।

मां कूष्मांडा का पूजन कर श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की कामना

चैत्र नवरात्र पर दूनवासी मां दुर्गा की भक्ति में लीन हैं। मंदिरों और घरों में शुक्रवार को मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा का पूजन हुआ। श्रद्धालुओं ने मां का पूजन का सुख- समृद्धि की कामना की। कोरोना के चलते शहर के मंदिरों में भक्तों की संख्या सीमित ही दिखी। मंदिर समितियों की ओर से भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

शुक्रवार सुबह से ही मंदिरों और घरों में मां कूष्मांडा के पूजन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। आराघर के समीप श्री लक्ष्मी नारायण पंचमुखी सिंदूरीय हनुमान मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कूष्मांडा ने ही इस सृष्टि की रचना की थी। इसी के चलते इन्हें सृष्टि की आदिस्वरूपा और आदिशक्ति भी कहा जाता है। 

मान्यता है कि शुरुआत में चारों ओर अंधेरा व्याप्त था। तब देवी ने ब्रह्मांड की रचना अपनी मंद हंसी से की थी। अष्टभुजा देवी अपने हाथों में धनुष, बाण, कमल-पुष्प, कमंडल, जप माला, चक्र, गदा और अमृत से भरपूर कलश रखती हैं। सिद्ध पीठ श्री सनातन धर्म मंदिर, प्रेमनगर और श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में चौथे नवरात्र पर मां दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कूष्मांडा की पूजा अर्चना की गई। 

पुजारी राजू उपाध्याय ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने एकल रामायण का पाठ भी किया। आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर सुभाष माकिन, अवतार किशन कौल, रवि भाटिया, बॉबी भाटिया, मनोज बहल, संगीता भाटिया, कांता चावला, मौजूद रहे। 

उधर, कालिका मार्ग स्थित कालिका मंदिर में मां कालिका का अभिषेक कर विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। 27 ब्राह्मणों ने मां दुर्गा सप्तशती का पाठ व मां दुर्गा का जाप किया। मंदिर के पुजारी चंद्र प्रकाश ममगाईं ने अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर में दर्शन करने आने से पहले अपने हाथों को सैनिटाइज करें और मास्क का प्रयोग करें।

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