महिला सहायता समूहों ने दी आंदोलन की चेतावनी

महिला सहायता समूहों ने दी आंदोलन की चेतावनी

विकासनगर आंगनबाड़ी के माध्यम से वितरित किए जाने वाले राशन की व्यवस्था को ठेके पर देने का विरोध जताया। उन्होंने इस निर्णय को वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

JagranWed, 14 Apr 2021 12:43 AM (IST)

संवाद सहयोगी, विकासनगर: आंगनबाड़ी के माध्यम से वितरित किए जाने वाले राशन की व्यवस्था को ठेके पर देने के सरकार के निर्णय को महिला समूहों ने स्वरोजगार से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के रोजगार को छीनने वाला कदम बताया है। समूहों की पत्रकार वार्ता में सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की अपील की गई। इसके साथ ही महिलाओं ने फैसला वापस नहीं लिए जाने की दशा में सरकार के विरोध में आंदोलन चलाने की चेतावनी भी दी।

हरबर्टपुर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति के कार्यालय पर एकत्रित हुई विभिन्न महिला समूहों की सदस्यों ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि एक तरफ सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कर रही है। दूसरी तरफ स्वरोजगार का माध्यम बनने वाले कार्यों को ठेके पर देकर महिलाओं से उनकी रोजी-रोटी के साधन को छीनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टेक होम राशन की व्यवस्था महिला समूहों के माध्यम से 2014 से सफलता पूर्वक संचालित किया जा रहा है। इस कार्य से जहां महिला समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। वहीं महिलाओं ने विभिन्न माध्यमों से ऋण लेकर राशन व इसकी पैकिग का सामान खरीदकर अपने घरों पर रखा हुआ है। अचानक से टेक होम राशन की व्यवस्था को ठेके पर दिए जाने से न सिर्फ महिलाओं का रोजगार छिनेगा, बल्कि सरकार के इस निर्णय से महिलाएं अनावश्यक कर्ज के बोझ तले दब जाएंगी। उन्होंने सरकार से टेक होम राशन की व्यवस्था को ठेके पर नहीं दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में अपना कदम आगे बढ़ाया तो प्रदेश भर के महिला स्वयं सहायता समूह सरकार के विरोध में आंदोलन करेंगे। पत्रकार वार्ता में श्यामा चौहान, लता थापा, बाला देवी, पुष्पा त्यागी, सरिता जोशी, रमना, फरजाना, राखी, सुमित्रा, अनिता राठौर उपस्थित रहे।

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क्या है पूरा मामला

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित की जाने वाली टेक होम राशन योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों से नवजात शिशुओं, कन्या और अन्य कई योजनाओं के तहत पात्रों को राशन का वितरण किया जाता है। इस राशन की सप्लाई विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराई जाती है। सन 2014 से चल रही इस व्यवस्था के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं राशन की खरीद बाजार से करती हैं और इसकी पैकिग के लिए बैग, लिफाफे आदि समूह में काम करने वाली महिलाएं खुद से तैयार कर लेती हैं। उन्हें इस काम के बदले विभाग से भुगतान कर दिया जाता है। लेकिन आठ अप्रैल को निदेशालय महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने एक विज्ञापन जारी करके टेक होम राशन के लिए ई निविदा मांग ली। टेक होम राशन की आपूर्ति के लिए मांगी गई निविदा से महिला समूहो को अपना काम छिन जाने का भय सता रहा है।

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स्वयं सहायता समूहों ने सौंपा ज्ञापन

विकासनगर: सहसपुर ब्लॉक में काम करने वाले महिला स्वंय सहायता समूहों की पदाधिकारियों ने सरकार के निर्णय पर चिता जताई। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भुखमरी की कगार पर पहुंचाने वाला बताया। नारी शक्ति स्वरूपा महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष गीता मौर्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सहसपुर की ब्लॉक प्रमुख सीमा देवी से मुलाकात की। उन्होंने टेक होम राशन की व्यवस्था को ठेके पर दिए जाने की तैयारियों को महिला समूहों में काम करने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो 20 अप्रैल को स्वय सहायता समूह से जुड़ी सभी महिलाएं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने अपनी मांग से संबंधित एक ज्ञापन भी ब्लॉक प्रमुख को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कौशल देवी, कल्पना राणा, ऊषा राणा शामिल रहे।

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