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Uttarakhand Weather Update: पौड़ी जिले के दुगड्डा क्षेत्र में फटा बादल, अल्मोड़ा में तीन महिलाएं बहीं

देहरादून, जेएनएन। Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में मौसम ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कुमाऊं के साथ ही गढ़वाल में भी भारी बारिश से मुसीबतों का दौर शुरू हो गया है। पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लाक में बादल फटने से खेतों को खासा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे करीब छह घंटे बंद रहा। अल्मोड़ा जिले के गरमपानी क्षेत्र में तीन महिलाएं कोसी नदी में बह गईं, दो के शव निकाल लिये गए हैं, जबकि एक लापता हैं। कुमाऊं में काली और गोरी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके अलावा बरसाती नदियां भी उफान पर हैं। आने वाले दिनों में भी मौसम राहत नहीं देने वाला हैं। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए पांच जिलों पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी और चमोली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार को आठ जिलों में भारी से भारी बारिश होने की आशंका है।

शनिवार से पहाड़ों में मौसम के तेवर तल्ख हैं। देर रात पर्वतीय क्षेत्र से लेकर मैदानी इलाकों तक जबरदस्त बारिश हुई। रविवार तड़के पौड़ी जिले के दुगड्डा क्षेत्र में बादल फटने से बरसाती नाले में उफान आ गया। मलबा धरियाल सार गांव में जा घुसा। इससे गांव में हड़कंप मच गया। लोगों ने सुरक्षित स्थान पर शरण ली। ग्राम प्रधान कांति देवी ने बताया कि हालांकि सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन खेत मलबे से पटे हुए हैं। दूसरी ओर कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के गरमपानी क्षेत्र में घास लेने जंगल जा रही तीन महिलाएं कोसी के उफान की चपेट में आ गईं। एसडीआरएफी की टीम ने दो शव नदी से निकाल लिए हैं, जबकि एक की तलाश की जा रही है। 

चीन सीमा को जोड़ने वाला लिपुलेख मार्ग भी बंद

भारी बारिश के बीच बढ़ते भूस्खलन का असर सड़कों पर पड़ रहा है। पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा पर स्थित लिपुलेख को जोड़ने वाला मार्ग तीन स्थानों पर मलबा आने से बंद है। इसके अलावा थल-मुनस्यारी मार्ग भी बाधित है। प्रदेश में करीब चार दर्जन से ज्यादा मार्गों पर यातायात बाधित है।  

यमुनोत्री के पास तीस मीटर हाईवे बहा, धाम का संपर्क कटा 

बरसाती नदी में आए उफान के चलते यमुनोत्री के पास हाईवे का तीस मीटर हिस्सा बह गया। इससे यमुनोत्री धाम के साथ ही 10 गांवों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से कट गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता नवनीत पांडेय ने बताया कि हाईवे की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसे दुरुस्त करने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है।

 खनन से बदला नदी का रुख

क्षेत्र की नदियों में नियमों के विरुद्ध चल रहे खनन से जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। नतीजा कई स्थानों पर नदियों का रुख आबादी क्षेत्र की ओर होने लगा है। ऐसे में सबसे अधिक चिंता काश्तकारों को सता रही है। भाबर क्षेत्र में अधिकांश काश्तकारों की खेती नदी से सटे इलाकों में है। भूमि कटाव से इन काश्तकारों को काफी नुकसान हो सकता है।

निगम की लापरवाही आई सामने 

बरसात से पहले क्षेत्र में नालियों की सफाई करवाई जाती है। लेकिन, नगर निगम की ओर से नए वार्डों में नालियों की सफाई नहीं करवाई गई है। ऐसे में नालियां चोक होने से जगह-जगह सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। देवी रोड, मानपुर क्षेत्र में नालियां चोक होने से गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल्द नालियों की सफाई करवाने की मांग उठाई है। 

चमोली में छह घंटे तक बाधित रहा बदरीनाथ हाईवे

चमोली जिले में रात से ही बारिश होने के चलते जगह-जगह मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया। बाद में एनएच विभाग ने मलबा हटाकर छह घंटे बाद हाईवे को सुचारू कर दिया। रात्रि को बारिश से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़, पागलनाला, टंगणी और नंद्रप्रयाग के पास भूस्खलन से बंद हो गया था। पागलनाला, लामबगड़ और टंगणी में हाइवे नौ बजे खुल गया था। जबकि, नंद्रप्रयाग के पास हाईवे 11.25 बजे खुल पाया। हाईवे खुलने से बदरीनाथ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों ने राहत की सांस ली।

सड़कें बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त

चमोली जिले में मानसून की पहली बारिश ने ही जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रातभर बारिश से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 60 संपर्क मोटर मार्ग बाधित हो गए। हालांकि, दिनभर की मशक्कत के बाद प्रशासन ने 31 मोटर मार्गों को सुचारू कर दिया। हालांकि अभी भी 29 मोटर मार्ग जगह-जगह पहाड़ी से मलबा आने से बाधित हैं। बंद सड़कों में लोक निर्माण विभाग की 34 और पीएमजीएसवाई की 26 सड़कें शामिल रही। 

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पेड़ गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त

डोईवाला में डाकघर के पास तेज आंधी के चलते जामुन के पेड़ की एक शाखा गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश व पेड़ों के गिरने से विद्युत लाइनें प्रभावित हुई है। जिसके चलते कुछ इलाकों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। हालांकि, विद्युत विभाग के कर्मचारी व अधिकारी युद्ध स्तर पर क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।

विभिन्न शहरों में तापमान

शहर----------अधि.----------न्यून. देहरादून-------33.0----------20.7 उत्तरकाशी----25.6----------16.2 मसूरी----------24.7-----------13.2 टिहरी-----------25.0----------15.6 हरिद्वार--------34.5----------23.6  जोशीमठ--------22.3----------15.2 पिथौरागढ़------27.0----------18.7 अल्मोड़ा--------25.2----------17.6 मुक्तेश्वर-------21.0----------15.0   नैनीताल---------21.8----------17.0 यूएसनगर-------32.0----------25.7 चम्पावत---------24.7----------18.4

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