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उत्‍तराखंड में जैविक कचरे से खाद बनाएंगे नगर निकाय, पढ़िए पूरी खबर

देहरादून, राज्य ब्यूरो। नगर निकायों में वेस्ट को वेल्थ में बदलने के मद्देनजर सरकार सक्रिय हो गई है। इस कड़ी में अब राज्य के नगर निकाय जैविक कचरे से खाद बनाकर इसे कृषि व उद्यान विभाग को बेचेंगे। इससे कचरे का निस्तारण होने के साथ ही निकायों को आय भी होगी। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित सभागार में हुई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।

शहरी विकास मंत्री कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में तब तक किया जाए, जब तक कि घर-घर कूड़ा उठान और कूड़े का पृथक्कीकरण कार्य सौ फीसद नहीं हो जाता। उन्होंने खाद बनाने के लिए नगर निकायों में आदर्श योजना बनाकर इसकी निरंतर मॉनीटङ्क्षरग को कहा। बैठक में कूड़े से बिजली और बायोगैस तैयार करने के संबंध में विमर्श हुआ।

कौशिक के अनुसार अधिकारियों से कहा गया कि हरिद्वार में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहयोग से बायोगैस संयंत्र स्थापना को कदम उठाए जाएं। साथ ही रुड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित करने के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। हल्द्वानी, काशीपुर, ऋषिकेश, रुद्रपुर व कोटद्वार में भी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एक माह के बाद वह इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक में नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद के अध्यक्ष विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र हरबोला, सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली, निदेशक शहरी विकास विनोद कुमार सुमन आदि मौजूद थे।

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