top menutop menutop menu

यमकेश्वर में ग्रामीणों ने किया सोलर फेसिंग लाइन का विरोध, जानिए वजह

ऋषिकेश, जेएनएन। यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर तल्ला और मल्ला ग्रामसभा में वन महकमे द्वारा ग्रामीणों और खेती की सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली सोलर फेंसिंग लाइन का विरोध बढ़ गया है। सोमवार को ग्रामीणों ने इस संबंध में गोहरी वन रेंज अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि वे जंगली जानवरों से बचाव के लिए वन विभाग से पत्थर युक्त वायर क्रेटस लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग उनकी न सुनकर अपनी मनमर्जी कर रहा है। उन्होंने विभाग पर अपने अधिकार क्षेत्र में दखल देने का आरोप भी लगाया। 

गंगा भोगपुर में हुई बैठक में जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने वन महकमे से ग्राम हित में कार्य करने की बात कही। उन्होंने बताया कि राजाजी नेशनल पार्क टाईगर रिजर्व से सटे गंगा भोगपुर तल्ला और मल्ला में आए दिन वन्यजीव ग्रामीणों और खेती को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन विभाग की ओर से उनकी मांगों के विपरीत सोलर फेंसिंग लगाए जाने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि अगर यहां सोलर फेंसिंग लगेगी तो आए दिन उनको और उनके मवेशियों को जान का खतरा बना रहेगा। 

इस दौरान बैठक में सोलर फेंसिंग लगाये जाने के बारे में पूछे जाने पर वन अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये।  ग्रामीणों ने कहा कि वन महकमे द्वारा गांव की सुरक्षा के लिए गांव के जनप्रतिनिधियों को बिना विश्वास में लिए कुछ भी नही करने दिया जाएगा। 

बैठक में गंगा भोगपुर मल्ला की प्रधान बबीता नेगी, वन क्षेत्राधिकारी गोहरी वन रेंज धीर सिंह, यशपाल असवाल, संदीप रानाकोटी, ग्राम पंचायत सदस्य ऋषि रानाकोटी, दिलबाग सिंह राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य विमल नेगी, राजीव जोशी, ग्राम पंचायत सदस्य अनिल नेगी, ईडीसी अध्यक्ष मल्ला सतीश शर्मा, भूपेंद्र भंडारी, खुशीराम जोशी, रिंकू रानाकोटी, प्रधान गंगा भोगपुर तल्ला सतेंद्र चौधरी, चेत सिंह, पूनम देवी, चंपा देवी, कुसुम देवी, विमला देवी, द्रोपदी देवी, लक्ष्मी देवी, दीपा देवी, ओमप्रकाश भट्ट, दीप सिंह, जितेंद्र चौधरी, ताजवीर सिंह आदि शामिल थे। 

यह भी पढ़ें: हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को राहत, अब गुलदार बन रहे आफत

वनाधिकार का लाभ मिले 

बैठक में ग्रामीणों ने वनाधिकारियों को बताया कि इस गांव को वर्ष 1962 में रेवेन्यू क्षेत्र में हस्तांतरित किया गया था। जिसके तहत सरकार और वन क्षेत्र में समझौता हुआ था की वन भूमि में ग्रामीणों के हक-हकूक के अधिकार दिये जायेंगे लेकिन आज वन विभाग ग्रामीणों के अधिकार क्षेत्र में दखल कर रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2006 के आदेशानुसार जिनकी तीन पीढियां वन क्षेत्र में रह रही है, उन्हें वनाधिकार का लाभ मिलना चाहिए। 

यह भी पढ़ें: हरिद्वार में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत, लोगों में दहशत

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.