Video: उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश के आसार, केदारनाथ में बर्फबारी के बीच बाबा के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Uttarakhand Weather Update मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज और कल मौसम करवट बदल सकता है। कई जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। हालांकि फिलहाल कहीं भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी नहीं की गई है। लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अब भी दहशत में हैं।

Raksha PanthriSat, 23 Oct 2021 08:22 AM (IST)
फिर करवट बदल सकता है मौसम, पहाड़ी क्षेत्रों में अब भी दहशत में लोग।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Weather update  चंद रोज पहले उत्तराखंड में कहर बरपाने के बाद मौसम के तेवर फिर तल्ख होने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम करवट बदल सकता है। कई जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। केदारनाथ धाम में बर्फबारी हुई। इस बीच श्रद्धालु बर्फबारी के बीच ही केदार बाबा के दर्शनों को उमड़ रहे हैं।

उत्तराखंड में फिलहाल कहीं भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी नहीं की गई है। लेकिन, पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अब भी दहशत में हैं। अगले दो दिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ओर से ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत पहुंच सकता है, जिससे उत्तराखंड में नैनीताल, चंपावत, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग समेत आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। इस दौरान 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है।

नैनीताल समेत चार जिलों में 800 फीसद अधिक बारिश

मौसम के बर्ताव में आए चौंकाने वाले परिवर्तन के चलते उत्तराखंड में अक्टूबर में बंपर बारिश दर्ज की जा रही है। अब तक प्रदेश में सामान्य से साढ़े पांच सौ फीसद अधिक बारिश हो चुकी है। इसमें भी दो जिले (बागेश्वर व अल्मोड़ा) ऐसे हैं, जहां बादल एक हजार फीसद से भी अधिक बरसे हैं। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी को छोड़ दें तो अन्य जिलों में भी 500 फीसद से अधिक बारिश रिकार्ड की गई है।

उत्तराखंड में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के टकराने और इसी दौरान निम्न दबाव वाला क्षेत्र उत्पन्न होने के कारण बीते दिनों हुई भारी बारिश ने कई रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। प्रदेश में इस दौरान औसत 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। जबकि, अक्टूबर में पूरे माह सामान्यत: करीब 31 मिलीमीटर बारिश होती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर में 36 साल बाद इतनी बारिश हुई है। वहीं, कुमाऊं मंडल में तो बारिश ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।

कुमाऊं मंडल में हुई बारिश मौसम विभाग के पास उपलब्ध अब तक के आंकड़ों के लिहाज से सर्वाधिक है। मुक्तेश्वर में 107 साल बाद इतनी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश की बात करें तो इससे पहले अक्टूबर में उत्तराखंड में सर्वाधिक बारिश वर्ष 1985 में 250 मिलीमीटर के करीब रिकार्ड की गई थी। यहां बागेश्वर और अल्मोड़ा में अब तक एक हजार फीसद से अधिक, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में पांच सौ फीसद से अधिक अधिक बारिश दर्ज की गई।

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अक्टूबर में बारिश का हाल

जनपद, वास्तविक बारिश, सामान्य बारिश, बढ़ोतरी

बागेश्वर, 287, 22, 1257

अल्मोड़ा, 261, 22, 1139

नैनीताल, 406, 42, 879

ऊधमसिंह नगर, 354, 37, 869

चमोली, 187, 21, 782

चंपावत, 412, 58, 622

पिथौरागढ़, 304, 48, 540

पौड़ी, 128, 23, 455

रुद्रप्रयाग, 126, 24, 419

टिहरी, 96, 24, 305

हरिद्वार, 50, 18, 189

उत्तरकाशी, 83, 35, 134

देहरादून, 58, 323, 79

प्रदेश का औसत, 202, 31

(बारिश मिलीमीटर में और अंतर फीसद में है।)

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