Uttarakhand Weather Update: 72 घंटे में उत्तराखंड पहुंच सकता है मानसून, बारिश और अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तराखंड में मानसून 72 घंटे में दस्तक दे सकता है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि मानसून मध्य प्रदेश को पार कर चुका है। ऐसे में प्रदेश में इसे पहुंचने में तीन दिन लग सकते हैं।

Sumit KumarSun, 13 Jun 2021 07:49 AM (IST)
: Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में मानसून 72 घंटे में दस्तक दे सकता है।

जागरण टीम, देहरादून: Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में मानसून 72 घंटे में दस्तक दे सकता है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि मानसून मध्य प्रदेश को पार कर चुका है। ऐसे में प्रदेश में इसे पहुंचने में तीन दिन लग सकते हैं। सबसे पहले यह कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों को स्पर्श करेगा। पहले इसके 20 जून तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा था। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सटीक निकला तो मानसून तय समय से पांच दिन पहले पहुंचेगा। आमतौर पर यह समय 20 से 27 जून के बीच रहता है। इससे पहले वर्ष 2013 और वर्ष 2008 में भी मानसून क्रमश: 15 जून और 13 जून को पहुंचा था।

ऋषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग पर स्लाइड की वजह से सड़क बंद

टिहरी: ऋषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग पर बीती रात व्यासी के पास स्लाइड की वजह से एनएच 58 में भारी मलबा आने से सड़क बंद हो गई। अभी जेसीबी और ब्रेकर की मदद से मलबा हटाने का काम चल रहा है। लगभग 10 बजे तक सड़क खुलने के बाद ही वाहनों का आवागमन शुरू होगा।

हाईवे पर मलवा साफ कर रहा जेसीबी व चालक खाई में गिरे

रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा में देर रात्रि मलवा साफ कर रहा जेसीबी व चालक खाई में गिर गया। जेसीबी मशीन मलवा हटाने का कार्य कर रही थी, अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा मे बोल्डर आने से दोनों गहरी खाई में गिर गए। जेसीबी व चालक 200 मीटर नीचे नदी के किनारे पर अटक गए। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवाल ने सभी आपदा प्रबंधन की टीमों को अवगत कराया।चालक के सिर व दोनों पैर पर गहरी चोटे आई है। तत्काल वहीं पर DDRF द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद 108 की मदद से बेस हॉस्पिटल श्रीनगर के लिए भेज दिया गया।

इस बीच शनिवार सुबह प्रदेश में गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। हरिद्वार, देहरादून और उत्तरकाशी जिले में अंधड़ ने जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए। इस दौरान कई जगह पेड़ और खंभे उखडऩे से प्रदेश के करीब छह सौ गांव में बिजली गुल हो गई। इसके अलावा मलबा आने से विभिन्न जिलों में सड़कें भी बाधित हुई हैं। उत्तरकाशी और देहरादून जिले के जौनसार बावर क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा गोशालाओं की छत उड़ गई। उत्तरकाशी में पेड़ गिरने से एक दो मंजिला भवन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि यहां रहने वाला परिवार सुरक्षित है। उत्तरकाशी जिले में मोरी ब्लाक मुख्यालय में भी बिजली गुल है। ऊर्जा निगम की टीम क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटी है। दूसरी ओर गंगोत्री राजमार्ग पर सुनगर व डबराणी के पास मलबा और बोल्डर आने से राजमार्ग करीब छह घंटे बंद रहा।  दूसरी ओर कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले में मूसलधार बारिश से करीब पांच माह पूर्व तैयार बिंता आइटीआइ रोड धराशायी हो गई। सुरक्षा दीवार का मलबा भरभरा कर आवासीय मकानों पर गिर गया। घबराए लोग बारिश में घरों से बाहर खड़े रहे। इससे छह मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भारी मलबा आने से रानीखेत-द्वाराहाट-कर्णप्रयाग हाईवे करीब चार घंटे बंद रहा। बागेश्वर में भी छह सड़कें मलबे के कारण बंद हैं। कपकोट में बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से करीब 100 गांवों की की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।

पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश से टनकपुर-तवाघाट हाईवे मीना बाजार सहित चार स्थानों पर मलबा आने से मार्ग सात घंटे बंद रहा। चम्पावत जिले में चम्पावत-टनकपुर हाईवे पर करीब छह घंटे बाद हटाकर यातायात सुचारू किया जा सका।

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रुद्रप्रयाग में घरों में घुसा मलबा, प्रभावितों ने भागकर बचाई जान

रुद्रप्रयाग : रुद्रप्रयाग से छह किलोमीटर दूर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नरकोटा गांव में शनिवार सुबह तेज बारिश के बीच हुए भूस्खलन का मलबा आधा दर्जन मकानों में घुस गया। प्रभावितों ने भागकर जान बचाई। खेतों में मलबा भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा और कुछ गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुईं है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को टेंट में शिफ्ट किया है।

दून व नैनीताल समेत छह जिलों में आरेंज अलर्ट

फिलहाल प्रदेश में मौसम का मिजाज यूं ही बना रहेगा। मौसम विभाग ने बुधवार तक के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि रविवार के लिए देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चम्पावत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान मैदानी क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवा के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। 

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