Video: ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग तोताघाटी में छह दिन बाद खुला, बदरीनाथ धाम में सीजन का पहला हिमपात

Uttarakhand Weather Update बारिश के कारण हुए भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। पर्वतीय क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां 90 सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। सीमांत पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में रविवार रात बादल फटने के बाद तबाही मची थी।

Raksha PanthriWed, 01 Sep 2021 08:44 AM (IST)
उत्तराखंड में 90 सड़क मार्ग बंद, पिथौरागढ़ में तीन मकान क्षतिग्रस्त।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में बारिश के कारण हुए भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। पर्वतीय क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां 90 सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। हालांकि, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग तोता घाटी पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। सीमांत पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में रविवार रात बादल फटने के बाद तबाही मची थी। सोमवार रात को मुनस्यारी के धामी गांव में भारी बारिश से तीन मकान ध्वस्त हो गए। हालांकि, मंगलवार को गढ़वाल में बारिश ने कुछ राहत दी, लेकिन कुमाऊं में तेज बौछारों का क्रम बना हुआ है। दून में सुबह से तेज धूप खिली रही और दोपहर बाद बौछारें पड़ीं।

छह दिन बाद खुला तोताघाटी मार्ग

ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग छह दिन बाद वाहनों के लिए खुल गया है। नेशनल हाईवे- 58 में बीती 27 अगस्त को तेज बारिश के चलते तोता घाटी के पास पहाड़ी से भारी पत्थर और मलबा आ गया था। इसके बाद जिला प्रशासन के द्वारा इस सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया था। छह दिन बाद बीआरओ और जिला प्रशासन के सहयोग से मार्ग खोल दिया गया है। हालांकि, अभी मलबा आने का खतरा बना हुआ है।

 

भारी बारिश से प्रदेश में खासा नुकसान हुआ है। टिहरी जिले में बीते दिनों हुई बारिश के कारण भूस्खलन होने से बंद छह ग्रामीण मोटर मार्ग एक पखवाड़े बाद भी नहीं खुल पाए हैं। वहीं, टिहरी झील के जलस्तर में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। मंगलवार को झील का जलस्तर 820.45 मीटर तक पहुंच गया। झील में चेतावनी रेखा 830 मीटर पर है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में कहीं-कहीं तेज बौछारों का क्रम बना रह सकता है।

बदरीनाथ धाम में हुआ सीजन का पहला हिमपात

मंगलवार को तड़के चमोली जिले में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। यहां बदरीनाथ धाम में चोटियों पर हल्की बर्फबारी के बाद ठंड की शुरुआत हो गई है। बदरीनाथ, औली समेत अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर ठंड का असर देखा जा रहा है।

अगस्त माह में बागेश्वर में डेढ़ गुना अधिक बारिश तो पौड़ी में आधी भी नहीं

मानसून के कारण आई आपदा के लिहाज से अगस्त भले ही उत्तराखंड पर भारी गुजरा हो, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस माह राज्य के ज्यादातर जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त में आमतौर पर प्रदेश में ओवरआल 398 मिमी बारिश होती है, मगर इस वर्ष 306 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। इस लिहाज से राज्य में मेघ 23 फीसद कम बरसे हैं। जनपदवार बात करें तो देहरादून समेत दस जिलों में अगस्त में सामान्य से कम बारिश हुई है।

बागेश्वर, चमोली और ऊधमसिंह नगर ही ऐसे तीन जिलें हैं, जहां इस माह सामान्य से अधिक बारिश हुई। इनमें भी सबसे अधिक बारिश बागेश्वर में हुई। यहां बादल सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बरसे। इसके बाद चमोली और बागेश्वर में क्रमश: नौ और तीन फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस माह पौड़ी में बादल सामान्य से 49 फीसद कम बरसे हैं। यही सबसे कम बारिश हुई है। वहीं, पूरे मानसून सीजन की बात करें तो उत्तराखंड में अब तक मेघ सामान्य से महज चार फीसद कम बरसे हैं। इस दरमियान सबसे अधिक बारिश बागेश्वर में और सबसे कम बारिश पौड़ी में हुई है।

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