Uttarakhand Politics: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक बोले, भयभीत कांग्रेस को सूझ नहीं रहा कि वह क्या करे

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रदेश के लिए ताबड़तोड़ विकास योजनाओं से कांग्रेस बौखला गई है। इन योजनाओं को सकारात्मक रूप में लेने के बजाय वह तमाम तरह के सवाल-जवाब में उलझ गई है।

Raksha PanthriPublish:Tue, 07 Dec 2021 02:49 PM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 02:49 PM (IST)
Uttarakhand Politics: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक बोले, भयभीत कांग्रेस को सूझ नहीं रहा कि वह क्या करे
Uttarakhand Politics: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक बोले, भयभीत कांग्रेस को सूझ नहीं रहा कि वह क्या करे

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Politics राहुल गांधी की रैली से मोदी को जवाब देने की तैयारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रदेश के लिए ताबड़तोड़ विकास योजनाओं से कांग्रेस बौखला गई है। इन योजनाओं को सकारात्मक रूप में लेने के बजाय वह तमाम तरह के सवाल-जवाब में उलझ गई है। उन्होंने कहा कि भयभीत कांग्रेस को कुछ सूझ नहीं रहा कि वह अब क्या करे।

कौशिक ने कहा कि केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के सात साल के कार्यकाल में राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण पर सिर्फ 646 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि भाजपा के अब तक के कार्यकाल में 12786 करोड़ रुपये। आल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसे ऐतिहासिक कार्य भाजपा की देन हैं। कांग्रेस को इस बात को लेकर दिक्कत है इनका श्रेय उसे क्यों नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में केदारपुरी भव्य स्वरूप में निखर चुकी है तो गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गैरसैंण के नाम पर नौटंकी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उसने अपने कार्यकाल में गैरसैंण के लिए कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों राज्य में 18 हजार करोड़ की जिन योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण हुआ है, उससे कनेक्टिविटी बेहतर होने पर पर्यटन व उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य के विकास को 10 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। अगले पांच साल में उत्तराखंड आदर्श राज्य के तौर पर देश के पटल पर होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सेवा कर रही है और कांग्रेस महज स्वार्थ की राजनीति। राज्यहित में बेहतर कार्यों को रजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय कांग्रेस को सकारात्मक रूप से इनका स्वागत करना चाहिए।

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