उत्तराखंड में बेरोजगारों ने किया सीएम आवास कूच, हाथीबड़कला में रोका; सरकार के खिलाफ नारेबाजी

पुलिस विभाग में सिपाही और अन्य कार्मिकों की भर्ती पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर पर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस पर प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।

Raksha PanthriTue, 07 Dec 2021 11:04 AM (IST)
उत्तराखंड में बेरोजगारों ने किया सीएम आवास कूच, हाथीबड़कला में रोका।

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में पुलिस विभाग में सिपाही और अन्य कार्मिकों की भर्ती पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि, पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर पर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस पर प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वहीं, विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक नियुक्त करने समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच को निकले बीपीएड-एमपीएड प्रशिक्षितों को पुलिस ने कनक चौक पर ही रोक दिया। दूसरी ओर कैबिनेट में बढ़ाए गए एक हजार रुपये मानदेय को लेकर भोजनमाताओं ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई है।

देवभूमि बेरोजगार मंच के बैनर तले सोमवार को प्रदेश भर के युवा परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए वे मुख्यमंत्री आवास के लिए निकले। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला में रोक लिया। मौके पर मौजूद प्रशासन के अधिकारियों ने मंच के अध्यक्ष राम कंडवाल की फोन पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी को वार्ता करवाई। सचिव ने आश्वासन दिया कि भर्ती पर लगी रोक हटाकर विज्ञप्ति जारी की जाएगी। कंडवाल ने 24 घंटे के भीतर विज्ञप्ति जारी करने की मांग की है।

आयोग सचिव को सौंपा ज्ञापन

सहायक अध्यापक एलटी के कला एवं अन्य विषयों की भर्ती प्रक्रिया से रोक हटाने को लेकर अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी को ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थी राकेश पंवार ने बताया कला एवं अन्य विषयों की परीक्षा आठ अगस्त 2021 को हुई थी, जिसका परिणाम भी आ चुका था। कुछ अभ्यर्थियों ने उत्तर पुस्तिका का सही तरह से मूल्यांकन न करने का आरोप लगाकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिसके बाद कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। कहा कि आयोग कोर्ट में मजबूती से पैरवी नहीं कर पा रहा। जिसकी वजह से भर्ती पर लगी रोक नहीं हट पा रही है।

बीपीएड-एमपीएड प्रशिक्षितों का सीएम आवास कूच

प्रदेश के समस्त विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक नियुक्त करने समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच को निकले बीपीएड-एमपीएड प्रशिक्षितों को पुलिस ने कनक चौक पर ही रोक दिया। परेड ग्राउंड से निकले प्रशिक्षितों ने कनक चौक पर धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सोमवार को बीपीएड-एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के बैनर तले प्रदेशभर से दून स्थित परेड ग्राउंड में जुटे प्रशिक्षितों की ओर से सरकार पर उनकी मांग व समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए जुलूस के रूप में निकले प्रशिक्षितों को कुछ दूर कनक चौक पर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इससे गुस्साए युवाओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया व सरकार पर बेरोजगारी को बढ़ावा देकर युवा वर्ग से छल करने का आरोप लगाया।

इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय ने प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में व्यायाम शिक्षक की नियुक्ति करने, शारीरिक शिक्षा विषय को कक्षा एक से बारहवीं तक अनिवार्य रूप से लागू करने समेत राज्य के प्रशिक्षित बेरोजगारों को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने की मांग की। भर्ती के लिए आयु सीमा 42 साल से बढ़ाकर 45 साल करने की सरकार से मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में हरेंद्र खत्री, माया जोशी, हरीश पंवार और अनूप तिवारी आदि मौजूद रहे।

भोजनमाताओं ने सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप

कैबिनेट में बढ़ाए गए एक हजार रुपये मानदेय को लेकर भोजनमाताओं ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की है। लैंसडौन चौक के पास एक रेस्टोरेंट में प्रेसवार्ता में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन उत्तराखंड की प्रदेश महामंत्री रजनी जोशी ने कहा कि उनकी उपेक्षा की जा रही है।

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