उत्तराखंड: जिलों को शिक्षक भर्ती शुरू करने के आदेश, जानिए किस जिले में हैं कितने पद

प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त 451 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ होने के बाद शिक्षा निदेशालय ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को प्राथमिक शिक्षा निदेशक आरके उनियाल ने सभी जिलों को पत्र जारी कर भर्ती की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए।

Raksha PanthriSun, 24 Oct 2021 11:40 AM (IST)
उत्तराखंड: जिलों को शिक्षक भर्ती शुरू करने के आदेश, जानिए किस जिले में हैं कितने पद।

जागरण संवाददाता, देहरादून। शासन की ओर से प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त 451 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ होने के बाद शिक्षा निदेशालय ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को प्राथमिक शिक्षा निदेशक आरके उनियाल ने सभी जिलों को पत्र जारी कर भर्ती की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए। खास बात यह है कि इस बार दिव्यांगजनों के बैकलाग के पद भी भरे जाएंगे।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक आरके उनियाल ने बताया कि हाईकोर्ट ने बीते 22 सितंबर को प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। इसके अलावा हाईकोर्ट ने नौ सितंबर को अवमानना वाद में जिलों में प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दिव्यांगजनों के बैकलाग की पूर्ति करने के भी आदेश दिए थे। बता दें कि भर्ती में चार फीसद कोटा दिव्यांगों का होता है, लेकिन लंबे समय से दिव्यांग पदों पर भर्ती नहीं हो सकी थी। इधर, वर्तमान में 2200 से ज्यादा पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर सोमवार को जिलों की समीक्षा होगी। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने बताया कि सोमवार की समीक्षा के बाद नियुक्ति के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।

किस जिले में कितने पद

पिथौरागढ़ में सर्वाधिक 194, अल्मोड़ा में 124, बागेश्वर में 45, पौड़ी में 30, चंपावत में 19, रुद्रप्रयाग में 15, टिहरी में 14 और चमोली में दस पद रिक्त मिले हैं। वहीं देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उत्तरकाशी और यूएस नगर में एक भी पद भर्ती के लिए रिक्त नहीं मिला है।

काबीना मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा की

काबीना मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किए गए विकास कार्यों की प्रगति जानी। शनिवार को लोनिवि के अधिकारियों संग उन्होंने अपने कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक की। काबीना मंत्री ने लोनिवि के अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाए कि समस्त योजनाएं समय से प्रारंभ हों और निर्माण की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

अगर निर्माण कार्यों के पूर्ण होने में देरी होती है या कार्यों की गुणवत्ता की शिकायत आती है तो अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों के आगणन तैयार कर तत्काल शासन को प्रेषित किए जाएं। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता डीसी नौटियाल, पार्षद भूपेंद्र कठैत, भाजपा मंडल महामंत्री सुरेंद्र राणा, सविता, कपिल कुमार आदि उपस्थित रहे।

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