E- Assembly System: हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में भी होगी ई विधानसभा प्रणाली, कवायद शुरू

उत्तराखंड विधानसभा में भी ई विधानसभा प्रणाली लागू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड विधानसभा में इस प्रणाली को लागू करने की दिशा में अभी तक की गई कार्यवाही और प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की।

Raksha PanthriSat, 18 Sep 2021 04:01 PM (IST)
हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में भी होगी ई विधानसभा प्रणाली, कवायद शुरू।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड विधानसभा में भी ई विधानसभा प्रणाली लागू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड विधानसभा में इस प्रणाली को लागू करने की दिशा में अभी तक की गई कार्यवाही और प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर अधिकारियों ने उत्तराखंड के ई विधानसभा माडल का प्रस्तुतिकरण किया।

उत्तराखंड विधानसभा ने भी ई विधानसभा की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। ई विधानसभा में विधानसभा के सभी रिकार्ड डिजिटल होंगे, कोई कागजी कार्य नहीं होगा और सब कुछ आनलाइन होगा। बैठक के दौरान विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में ई विधानसभा के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। लोकसभा सचिवालय से भी इस संबंध में बात की गई है। विधानसभा से संबंधित डाटा को अपलोड करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कार्यशाला आयोजित कर चार चरणों में विधानसभा के कार्मिकों को ई विधानसभा प्रणाली से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। ई विधानसभा माडल पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे शीघ्र ही केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ई विधानसभा प्रणाली से सरकार को लाखों रुपये और कागज बचाने में मदद मिलेगी। इससे न केवल पेड़ों को बचाया जाएगा, बल्कि विधानसभा के कार्यों में भी तेजी आएगी। विधानसभा विभिन्न समितियों की रिपोर्ट, विधेयक, नोटिस को संभालती है, जिसमें काफी कागजी कार्यवाही होती है। ई विधानसभा प्रणाली से कागज का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा।

यह भी पढ़ें- पोषण ट्रैकर एप से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता परेशान, न हिंदी कर रहा सपोर्ट न पूरे आंकड़े हो रहे अपलोड

नई ईवीएम की जांच का कार्य 20 से

प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में नई ईवीएम का प्रयोग किया जाएगा। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार इन मशीनों की पहले स्तर की जांच का कार्य 20 सितंबर से प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ प्रारंभ होगा।संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड प्रताप सिंह शाह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग के दिशा निर्देशानुसार इस कार्य के अनुश्रवण के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तुदास को नोडल अधिकारी ईवीएम एवं कंट्रोल रूम के प्रभारी का जिम्मा सौंपा गया है।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को मिलेगा नंदा-गौरा योजना का लाभ, कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.