उत्तराखंड: कोरोना जांच में सुस्ती पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत सख्त, तेजी लाने के दिए निर्देश

कोरोना के स्तर में कमी आते ही जांच में कमी को स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूल-कालेज खोलने का निर्णय लिया है जिससे जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

Raksha PanthriWed, 28 Jul 2021 09:15 AM (IST)
कोरोना जांच में सुस्ती पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत सख्त, तेजी लाने के दिए निर्देश।

जागरण संवाददाता, देहरादून। कोरोना के स्तर में कमी आते ही जांच में कमी को स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूल-कालेज खोलने का निर्णय लिया है, जिससे जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के 500 दिन पूरे होने पर मंगलवार को दून मेडिकल कालेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया। वहीं, चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ और मरीजों ने कोरोना संक्रमण और उपचार से जुडे अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में मुख्य आतिथि स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में और सुधार लाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ राज्य के सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने मिलकर लड़ाई लड़ी है, जिसका नतीजा रहा कि कोरोना महामारी से कई लोग की जान बच पाई। पिछले दो वर्षो के दौरान राज्य सरकार ने अस्पतालों के सुदृढीकरण और उच्चीकरण पर करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च किए। जिला अस्पतालों, संयुक्त चिकित्सालयों में आधुनिक मशीनें स्थापित की गई, जिसका फायदा कोरोनाकाल में आम जनता को मिला।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल क्षेत्र में 7000 नियुक्तियां कर रही है। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर अन्य पद शामिल हैं। उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचन्द्र ने कोविड के दौरान सभी मेडिकल कालेजों के साथ मिलकर किए कार्यो को साझा किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा, दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना, समाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल, समस्त विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ आदि उपस्थित रहे।

आनलाइन जुड़े आइएफएस

उत्तराखंड के पहले कोविड संक्रमित आइएफएस अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने झारखंड के हजारीबाग से आनलाइन जुड़कर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कोरोना के दौरान दून मेडिकल में मिले उपचार की प्रशंसा की। साथ ही पहले कोरोना मरीज का उपचार करने वाले डा. अनुराग अग्रवाल और एफआरआइ अस्पताल के डा. वीरमंत गुप्ता ने भी अपने अनुभव साझा किए।

इन्हें मिला सम्मान

डा अतुल, डा धनंजय डोभाल, डा रणजीत सिंह, डा सुशील ओझा, डा हर्षतिा डंगवाल, डा एनएस खत्री, डा कुमार जी कौल, डा विकास, डा रविकांत, डा विशाल कौशिक, सुधा कुकरेती, रजनी सती, रचना रावत, सतीश धस्माना, मनवीर चौहान, ममता चमोली, महेंद्र भंडारी, दिनेश रावत, संदीप राणा, विजयराज, विजयदीप रावत, जसवंत रावत, कुलदीप नेगी, पंकज रौथाण, अशोक कुमार, प्रिया डोभाल, मंजू चौहान, कविता इष्टवाल, दीपक राज सिंह, दीपक राणा, परमिंदर कुमार, ओमप्रकाश पोखरियाल, अनुसूया प्रसाद चमोली, पवन नेगी, राजेश चमोली, सुनीता, जीएस थलवाल व सोना मेहरा।

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