सरकारी विद्यालयों में चलाई गई मुहिम लाई रंग, सिर्फ एक दिन में 8422 छात्रों का दाखिला; बढ़ा हौसला

सरकारी विद्यालयों में दाखिले को लेकर चलाई गई मुहिम रंग लाई है। इस वजह से ही सिर्फ 15 सितंबर को महज एक दिन में प्रदेश में 8422 नए छात्रों के दाखिले हुए। इनमें माध्यमिक स्तर पर दाखिला लेने वालों की संख्या ज्यादा है।

Raksha PanthriFri, 17 Sep 2021 06:34 PM (IST)
सरकारी विद्यालयों में चलाई गई मुहिम लाई रंग, सिर्फ एक दिन में 8422 छात्रों का दाखिला।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में दाखिले को लेकर चलाई गई मुहिम रंग लाई है। इस वजह से ही सिर्फ 15 सितंबर को महज एक दिन में प्रदेश में 8422 नए छात्रों के दाखिले हुए। इनमें माध्यमिक स्तर पर दाखिला लेने वालों की संख्या ज्यादा है। 

प्रवेश पखवाड़े ने बढ़ाया मनोबल

सरकारी प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में एक से 15 सितंबर तक प्रवेश पखवाड़ा और स्वागतोत्सव के अच्छे नतीजे देखकर विभाग का मनोबल बढ़ा है। दरअसल शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के निर्देश पर इसे पूरे विभाग ने मुहिम के तौर पर लिया। दरअसल हर साल सरकारी विद्यालयों में छात्रसंख्या लगातार गिर रही है। इस वजह से अभिभावकों और छात्रों का सरकारी विद्यालयों से बढ़ता मोहभंग सरकार के माथे पर बल डाले हुए है। कोरोना संकट की वजह से बीते सत्र में विद्यालय बंद रहे थे। इस बार भी विद्यालय देर से खोले गए।

14 दिन में 1.16 लाख से ज्यादा दाखिले

सरकार ने इसी वजह से चालू माह के पहले पखवाड़े में दाखिलों पर जोर दिया। पखवाड़े में राज्य में 1,25,243 छात्रों ने दाखिला लिया। खास बात ये है कि 14 दिन यानी एक से 14 सितंबर तक 1,16821 छात्रों ने विद्यालयों में प्रवेश लिया। इनमें प्राथमिक कक्षाओं में 35,517, उच्च प्राथमिक कक्षाओं में 17,158 और माध्यमिक कक्षाओं में 64,146 छात्रों ने प्रवेश लिया। वहीं सिर्फ एक दिन यानी 15 सितंबर को 8422 छात्रों के दाखिला लेने से विभाग राहत की सांस ले रहा है। एक दिन में प्राथमिक कक्षाओं में 3036, उच्च प्राथमिक कक्षाओं में 1782 और माध्यमिक कक्षाओं में 3604 छात्रों ने दाखिला लिया।

रिक्त पद तत्काल भरें

शिक्षा सचिव राधिका झा ने इस प्रदर्शन के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व शिक्षकों की पीठ थपथपाई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद भरे गए हैं। रिक्त पदों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती से अभिभभावकों का भरोसा बढ़ा है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों के पद लंबे समय तक रिक्त न रखे जाएं। तुरंत नियमित नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी जाए, ताकि पठन-पाठन प्रभावित न हो।

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