Uttarakhand Coronavirus News Update: उत्‍तराखंड में छह सप्ताह में सर्वाधिक मरीज, मौत भी ज्यादा

उत्‍तराखंड में कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।

Uttarakhand Coronavirus News Update देश के कई अन्य राज्यों की तरह ही उत्तराखंड में भी कोरोना की रफ्तार फिर तेज होने लगी है। प्रदेश में कोरोना का 37 वां हफ्ता (22-28 नवंबर) पूरा होने पर जो तस्वीर सामने आई है वह बढ़ते खतरे की ओर इशारा कर रही है।

Publish Date:Sun, 29 Nov 2020 06:24 PM (IST) Author: Sumit Kumar

देहरादून, जेएनएन। Uttarakhand Coronavirus News Update देश के कई अन्य राज्यों की तरह ही उत्तराखंड में भी कोरोना की रफ्तार फिर तेज होने लगी है। प्रदेश में कोरोना का 37 वां हफ्ता (22-28 नवंबर) पूरा होने पर जो तस्वीर सामने आई है, वह बढ़ते खतरे की ओर इशारा कर रही है। इस दरमियान संक्रमितों का साप्ताहिक आंकड़ा छह हफ्तों में सर्वाधिक रहा है। यही नहीं छह हफ्तों में सर्वाधिक मौत भी इसी दरमियान हुई हैं। इधर, एक्टिव केस में बढ़त के साथ ही सिस्टम की बेचैनी भी अब बढ़ रही है।

सितंबर माह में उत्तराखंड में कोरोना के रिकॉर्ड मामले आए, पर अक्टूबर में संक्रमण की रफ्तार कुछ मंद पड़ गई। नवंबर का शुरुआती पखवाड़ा भी सुकून में बीता, लेकिन अब एकाएक मामले बढऩे लगे हैं। कोरोना के आंकड़ों का अध्ययन कर रही संस्था सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि सॢदयों का समय वायरस के प्रसार के लिए बहुत उपयुक्त होता है। यही नहीं, मास्क, सैनिटाइजेशन व शारीरिक दूरी को लेकर जिस तरह की लापरवाही अब बरती जा रही है, उससे भी खतरा कई गुना बढ़ गया है। दिल्ली व अन्य राज्यों में बढ़ रहे संक्रमण ने भी उत्तराखंड के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। भूलना नहीं चाहिए कि पूर्व में भी प्रवासियों के लौटने से राज्य में बड़े स्तर पर संक्रमण फैला था। यहां यह समझने की जरूरत है कि कोरोना के खिलाफ इस जंग में आपका रवैया भी बहुत अहमियत रखता है। जब तक जनता का सहयोग नहीं मिलेगा, सारी नीतियां और कदम बेकार हैं। ऐसे में खुद के लिए, परिवार के लिए और समाज के लिए पूरी सतर्कता बरतें।

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जांच ने फिर पकड़ी रफ्तार

कोरोना के लिहाज से सिस्टम भी फिर एक बार अलर्ट मोड पर दिख रहा है। दिल्ली व अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की बॉर्डर पर रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। इसके अलावा बस अड्डे, रेलवे स्टेशन व हवाई अड्डे पर भी अब नियमित सैंपलिंग की जा रही है। इसी का असर है कि टेस्ंिटग का आंकड़ा फिर बढऩे लगा है। 36 वें हफ्ते जहां यह आंकड़ा 64 हजार पर पहुंच गया था, अब यह बढ़कर 80 हजार के करीब आ गया है। जांच के मोर्चे पर चिंता सिर्फ इस बात की है कि बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। फिलवक्त साढ़े तेरह हजार से अधिक सैंपल की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।

बढ़ने लगे मामले

18-24 अक्टूबर:2507 25-31 अक्टूबर:2173 1-7 नवंबर:2708 8-14 नवंबर: 2966 15-21 नवंबर: 2788 22-28 नवंबर: 3161

मौत का भी बढ़ रहा ग्राफ

18-24 अक्टूबर:60 25-31 अक्टूबर:39 1-7 नवंबर:40 8-14 नवंबर:39 15-21 नवंबर:44 22-28 नवंबर:68

एक्टिव केस भी बन रहे चुनौती

18-24 अक्टूबर:4542 25-31 अक्टूबर:3883 1-7 नवंबर:3890 8-14 नवंबर:4417 15-21 नवंबर:4166 22-28 नवंबर:4876

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