Uttarakhand Election: राहुल की जनसभा को विस क्षेत्रवार जुटाएंगे भीड़, 16 दिसंबर को परेड मैदान में होगी रैली

Uttarakhand Assembly Elections 2022 राहुल गांधी की परेड मैदान में होने जा रही जनसभा में भीड़ जुटाने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार लक्ष्य दिया जाएगा। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव पार्टी के सांसदों पूर्व सांसदों विधायकों व पूर्व विधायकों समेत प्रदेश संगठन व जिला इकाइयों के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे।

Raksha PanthriWed, 08 Dec 2021 08:27 AM (IST)
Uttarakhand Election: राहुल की जनसभा को विस क्षेत्रवार जुटाएंगे भीड़।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Assembly Elections 2022 कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की 16 दिसंबर को परेड मैदान में होने जा रही जनसभा में भीड़ जुटाने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार लक्ष्य दिया जाएगा। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव इस सिलसिले में बुधवार को पार्टी के सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों व पूर्व विधायकों समेत प्रदेश संगठन व जिला इकाइयों के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे।

बैठक में 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी, जिला पर्यवेक्षक, ब्लाक व नगर कांग्रेस अध्यक्ष और न्याय पंचायत प्रभारी में शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में दो-दो जिलों की बैठकें होंगी। सबसे पहले सुबह 11 बजे पिथौरागढ़ व चम्पावत जिलों की बैठक होगी। इसके बाद अल्मोड़ा व बागेश्वर, चमोली व रुद्रप्रयाग, नैनीताल व ऊधमसिंहनगर जिलों की बैठकें होंगी।

उन्होंने बताया कि टिहरी व उत्तरकाशी, पौड़ी व हरिद्वार जिलों के बाद सबसे आखिर में देहरादून जिले की बैठक शाम चार बजे होगी। देहरादून व हरिद्वार नगर निगम के मेयर, पार्षद व पार्षद प्रत्याशी, आनुषंगिक संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष व जिलाध्यक्षों की बैठक शाम 5.30 बजे होगी। बैठकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल मौजूद रहेंगे। जनसभा को सफल बनाने का संकल्प लिया गया है।

गैर भाजपा शासित राज्यों पर भी नजर दौड़ाए कांग्रेस

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कांग्रेस की ओर से मुद्दा बनाए जाने पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अब गैर भाजपा शासित राज्यों पर भी नजर दौड़ाने की जरूरत है। साथ ही सवाल उठाया कि इन राज्यों की सरकारें जनता को राहत क्यों नहीं दे रही हैं। इस पर कांग्रेस चुप क्यों है।

भाजपा नेता चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी है। अब राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे वैट की दर में कमी कर आमजन को राहत पहुंचाएं। महाराष्ट, राजस्थान व छत्तीसगढ में पेट्रोल 110 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में भी पेट्रोल महंगा है। वहीं, भाजपा अथवा एनडीए शासित राज्यों में पेट्रोल छह रुपये और डीजल नौ रुपये सस्ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने वरिष्ठ नेताओं को भी इस बारे में प्रेरित करने की जरूरत है कि वे गैर भाजपा शासित राज्यों में भी पेट्रोल व डीजल की कीमतों को कम कराएं।

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