केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले, स्टार्टअप को सरकार दे रही 25 लाख की मदद

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआइ) के इन्क्यूबेशन सेंटर का शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने क‍िया।

सहस्रधारा रोड स्थित आइटी पार्क में शुक्रवार को सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआइ) के इन्क्यूबेशन सेंटर के निर्माण की नींव रखी गई। इसका शिलान्यास केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संचार विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से किया।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 10:42 PM (IST) Author: Sunil Negi

देहरादून, जेएनएन। सहस्रधारा रोड स्थित आइटी पार्क में शुक्रवार को सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआइ) के इन्क्यूबेशन सेंटर के निर्माण की नींव रखी गई। इसका शिलान्यास केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एसटीपीआइ भारत का पहला स्टार्टअप है, जिसमें सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। एसटीपीआइ छोटे शहरों में स्टार्टअप को उन्नतशील उत्पाद विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आम आदमी को सशक्त बनाने के साथ देश की आर्थिकी बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। युवा स्टार्टअप को 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। 

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। उत्तराखंड में ही वेदों का सृजन हुआ। यह केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की पवित्र भूमि है। यहीं से गंगा-यमुना का उद्गम होता है। अब हम इसी राज्य से टेक्नोलॉजी को भी इन्क्यूबेट कर रहे हैं। संस्कार और संस्कृति के बाद अब टेक्नोलॉजी उत्तराखंड का परिचय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंडवासियों में कार्य करने की असीमित क्षमता और समर्पण की भावना है। इसलिए वह यहां के निवासियों का बहुत सम्मान करते हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने एसटीपीआइ के अधिकारियों को निर्देश दिया कि दून का इन्क्यूबेशन सेंटर बेहतर और आधुनिक बने। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन्क्यूबेशन सेंटर के शिलान्यास के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। 

स्टार्टअप के लिए उत्तराखंड में प्रबल संभावनाएं 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्तराखंड में प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने एसटीपीआइ के अधिकारियों को देहरादून में एक रोबोटिक सेंटर बनाने का निर्देश दिया। कहा कि यह भारत का महत्वपूर्ण रोबोट सेंटर होना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के 46 चिकित्सालय ई-अस्पताल बन चुके हैं। भारत नेट फेज-एक में उत्तराखंड की 1800 ग्राम पंचायत इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 310 ग्राम पंचायत में सीएससी के माध्यम से 50 हजार आबादी को वाईफाई सुविधा दी जा रही है। फेज-दो में भी राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जाएगा। 

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