उत्तराखंड में फंगस से दो और मौत, 13 नए मरीज आए सामने

फंगस को लेकर चुनौती बढ़ती जा रही है। प्रदेश में रोजाना न सिर्फ इस बीमारी के नए मरीज मिल रहे हैं बल्कि मरीजों की मृत्यु दर में भी इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को प्रदेश में 13 और व्यक्तियों में फंगस की पुष्टि हुई। दो मरीजों की मौत हुई है।

Sunil NegiSat, 12 Jun 2021 12:09 PM (IST)
फंगस (म्यूकर माइकोसिस) को लेकर चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। फंगस (म्यूकर माइकोसिस) को लेकर चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में रोजाना न सिर्फ इस बीमारी के नए मरीज मिल रहे हैं, बल्कि मरीजों की मृत्यु दर में भी इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को प्रदेश में 13 और व्यक्तियों में फंगस की पुष्टि हुई। वहीं, दो मरीजों की मौत हुई है। इस तरह राज्य में फंगस के अब तक 369 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 58 मरीजों की मौत हो चुकी है और 35 ठीक हो चुके हैं। देहरादून में फंगस के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश में ही अब तक इस बीमारी से पीडि़त 228 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसी तरह हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में 34, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में 27, दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में 20 और मैक्स अस्पताल में फंगस पीडि़त 14 मरीज भर्ती हो चुके हैं। नैनीताल में भी अब तक 32 मामले मिल चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार से तीन, उत्तरकाशी से दो और ऊधमसिंह नगर से एक मामला रिपोर्ट हुआ है।

सीडीओ ने शुरू की जांच

कुंभ के दौरान कोरोना जांच में घपले की शिकायत पर हरिद्वार जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीडीओ सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में गठित समिति ने शुक्रवार को जांच से संबंधित पत्रवलियों और दस्तावेजों का अध्ययन किया। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित डाटा भी मांगा। खास बात यह कि मामले में फरीदकोट (पंजाब) निवासी शिकायतकर्ता से जांच टीम ने अभी तक संपर्क नहीं किया है। हालांकि आइसीएमआर की ओर से शिकायतकर्ता को फोन कर संबंधित तथ्यों की पुष्टि की गई है। वहीं, शासन ने प्रदेश की सभी निजी लैबों की जांच के भी आदेश दे दिए हैं।

24 घंटे में 21 मरीजों की मौत

राज्य में कोरोना से मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। शुक्रवार को भी 21 मरीजों की मौत हुई। इनमें सबसे अधिक 15 मौत देहरादून जिले में हुई है। ऊधमसिंह नगर में चार और अल्मोड़ा व पौड़ी में एक-एक मरीज की मौत हुई। इधर, कोरोना से हुई मौत का बैकलाग भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हरिद्वार से सात और देहरादून, टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी से एक-एक मौत देर से रिपोर्ट हुई है। राज्य में अब तक कोरोना से 6909 मरीजों की मौत हुई है, जबकि मृत्यु दर 2.06 फीसद है।

कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को स्वर्ण प्राशन

कोरोना के संभावित खतरे से बच्चों को बचाने के लिए आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने भी कदम बढ़ाए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से हर माह 15 साल तक के बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन करवाया जाएगा। कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने कहा कि कोरोना से बच्चों का बचाव तीन तरीके से होगा। स्वयं को बचाए रखना, अपनी एवं बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और खुद का टीकाकरण। इसीलिए विवि की ओर से बच्चों के प्रतिरक्षा तंत्र को विकसित करने को लेकर 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र पर स्वर्ण बिंदु पान करवाए जाने का फैसला लिया है। जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने वाली वानस्पतिक औषधियों के साथ स्वर्ण भस्म भी है। परिसर निदेशक प्रो. राधाबल्लभ सती ने बताया कि पुष्य नक्षत्र इस बार 14 जून को है। हर्रावाला स्थित आयुर्वेद विवि के परिसर में बच्चों को खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि वो कोरोना नियमों का पालन करते हुए बच्चों को स्वर्ण प्राशन करवाएं।

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