श्रम विभाग दफ्तर में कार्मिकों ने किया दो घंटे कार्यबहिष्कार, यह हैं मुख्‍य मांगें

पुरानी एसीपी और पुरानी पेंशन बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का आंदोलन जारी है। शनिवार को श्रम विभाग के कार्यालय में कार्मिकों ने कार्यबहिष्कार किया। उन्होंने सभी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

Sumit KumarSun, 17 Oct 2021 02:10 PM (IST)
विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का आंदोलन जारी है।

जागरण संवाददाता, देहरादून: पुरानी एसीपी और पुरानी पेंशन बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का आंदोलन जारी है। शनिवार को श्रम विभाग के कार्यालय में कार्मिकों ने कार्यबहिष्कार किया। उन्होंने सभी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। शनिवार को समिति के मुख्य संयोजक चौधरी ओमवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्मिक अजबपुर स्थित श्रम विभाग के कार्यालय पहुंचे। जहां ओमवीर सिंह ने विभाग के कार्मिकों को आंदोलन की रूपरेखा से अवगत कराया।

इसके बाद श्रम विभाग के कार्मिकों ने दो घंटे का कार्यबहिष्कार किया। इस दौरान सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता श्रम विभाग कर्मचारी संगठन के गढ़वाल क्षेत्र अध्यक्ष आंनद ने की, जबकि संचालन राजकीय वाहन महासंघ के प्रदेश महामंत्री संदीप कुमार मौर्य ने किया। वक्ताओं ने कहा कि समिति की ओर से बीते छह अक्टूबर से प्रांतीय स्तर पर प्रत्येक विभाग में दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर गेट मीटिंग की जा रही है। शासन को भेजे गए 15 सूत्री मांग पत्र पर जब तक कार्रवाई नहीं हो जाती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार की ओर से कार्मिकों की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो 26 अक्टूबर से बेमियादी हड़ताल की जाएगी। इस दौरान अरुण पांडेय, पंचम सिंह बिष्ट, शक्ति प्रसाद भट्ट, अश्विन कुमार, मुकेश कुलाश्री, वंदना महार आदि उपस्थित रहे।

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एनआइओएस डीएलएड प्रशिक्षितों ने भर्ती में मांगा मौका

एनआइओएस से डीएलएड कर चुके प्रशिक्षितों ने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में चल रही भर्ती प्रक्रिया में मौका देने की मांग को लेकर राजधानी में प्रदर्शन किया।

गांधी पार्क के गेट पर प्रशिक्षितों ने एसएफआइ और संवैधानिक अधिकार संरक्षण फोरम के कार्यकत्र्ताओं के साथ धरना दिया। फोरम के अध्यक्ष दौलत कुंवर ने कहा कि एनआइओएस सरकार की संस्था है। राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परिषद ने भी यहां से डीएलएड को मान्यता दी है। ऐसे में यहां के पढ़े छात्रों को भर्ती में शामिल न करना गलत है। दौलत कुंवर ने कहा कि लगातार मांग के बाद भी सरकार प्रशिक्षितों की बात नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द भर्ती में उन्हें शामिल न किया गया तो राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

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