Assistant Accountant Exam: परीक्षा रद करने को लेकर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, अनियमितता का भी लगाया आरोप

सहायक लेखाकार की परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद करने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान रेखा डबराल ने कहा कि आयोग ने 12 से 14 सितंबर तक सहायक लेखाकार की परीक्षा आनलाइन कराई थी। जिसमें नौ हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

Sumit KumarTue, 21 Sep 2021 04:10 PM (IST)
सहायक लेखाकार की परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद करने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, देहरादून : Assistant Accountant Exam गत दिनों हुई सहायक लेखाकार की परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद करने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने उक्त मांग को लेकर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्यालय में प्रदर्शन किया और सचिव को ज्ञापन भी सौंपा।

सोमवार को रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान रानीपोखरी निवासी रेखा डबराल ने कहा कि आयोग ने 12 से 14 सितंबर तक सहायक लेखाकार की परीक्षा आनलाइन कराई थी। जिसमें नौ हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि आयोग ने आश्वासन दिया था कि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों के लिए अंग्रेजी प्रश्नों का हिंदी अनुवाद दिया जाएगा। जबकि, अंग्रेजी प्रश्नों का हिंदी अनुवाद सही नहीं था। जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा देने में काफी परेशानी हुई। इसके अलावा परीक्षा का पैटर्न भी काफी अलग था। ऐसे पैटर्न पुरानी परीक्षाओं में नहीं दिए गए। साथ ही प्रश्न पत्र बहुत कठिन बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इन अनियमितताओं के कारण सालों से परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा को फिर से आफलाइन मोड में कराया जाए। इस मौके पर धीरज परिहार, ऋतु, पूजा, लव शर्मा, प्रीति आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- Admission In DAV: डीएवी पीजी कालेज ने दूसरी मेरिट लिस्ट की जारी, 24 सितंबर तक होंगे दाखिले

इन अनियमितताओं का लगाया आरोप

प्रश्नों के हिंदी अनुवाद में गलतियां 30 से 40 प्रश्न न्यूमेरिकल दिए गए, जिन्हें दो घंटे की परीक्षा में हल करना संभव नहीं था 80 से 90 फीसद प्रश्न पहेली के रूप में पूछे गए, जिन्हें हल नहीं किया जा सका परीक्षा आफलाइन कराने की मांग की गई थी, लेकिन फिर भी आनलाइन परीक्षा आयोजित की गई

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी का कहना है कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी ऐसी कंपनी को दी गई, जो सवालों के घेरे में है

अभ्यर्थियों की समस्याओं का अध्ययन किया जा रहा है। यदि समस्या सही पाई जाती है तो उसका संज्ञान लिया जाएगा

यह भी पढ़ें-हस्तशिल्प के प्रचार को खासी गंभीर उत्तराखंड सरकार, अब हर साल11 हस्तशिल्पियों को शिल्प रत्न अवार्ड

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.