तीर्थ पुरोहित 15 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग न करने पर दी आंदोलन की चेतावनी

चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग न होने को लेकर तीर्थपुरोहितों के स्वर मुखर होने लगे हैं। उनका कहना है कि यदि 30 नवंबर तक बोर्ड भंग नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुरोहितों ने आगामी विस चुनाव में 15 सीटों पर चुनाव लडऩे का निर्णय भी लिया।

Sumit KumarMon, 29 Nov 2021 03:57 PM (IST)
चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग न होने को लेकर तीर्थपुरोहितों के स्वर मुखर होने लगे हैं।

संवाद सूत्र, गुप्तकाशी: चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग न होने को लेकर तीर्थपुरोहितों के स्वर मुखर होने लगे हैं। उनका कहना है कि यदि 30 नवंबर तक बोर्ड भंग नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। साथ ही तीर्थ पुरोहितों ने आगामी विस चुनाव में 15 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय भी लिया। गुप्तकाशी में आयोजित तीर्थ पुरोहित समाज केदारनाथ ने मंदिर समिति बैठक में देवस्थानम बोर्ड को लेकर केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों के साथ स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की है।

केदारसभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि जबसे देवस्थानम बोर्ड बना है, तीर्थ पुरोहित लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री ने 30 नवंबर तक कार्रवाई का भरोसा दिया गया था, अब इसी डेटलाइन का इंतजार किया जा रहा है। यदि अब भी बोर्ड भंग नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर जिपंस गणेश तिवारी ने कहा कि बोर्ड से न केवल तीर्थपुरोहितों के हक-हकूक प्रभावित होंगे, बल्कि व्यापारी, मजदूर और चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकांश लोग इससे परेशानियों में पड़ जाएंगे। कहा कि सरकार यदि जल्द इसे भंग नहीं करती तो जनता भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी देंगे। कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में चारोंधामों से तीर्थ पुरोहित प्रदेश की 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इस अवसर पर चारधाम महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेर नाथ पोस्ती, जिपंस गणेश तिवारी, भगवती प्रसाद तिवारी, बृजेंद्र शर्मा समेत कई तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

देवस्थानम बोर्ड पर विधायक ने किया तीर्थ पुरोहितों का समर्थन

देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को लेकर लक्‍सर (हरिद्वार) से भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने तीर्थ पुरोहित और हक हकूकधारियों की मांग का समर्थन किया है। विधायक ने मुख्यमंत्री से वार्ता कर चारधाम मंदिरों का प्रबंधन पूर्व की भांति तीर्थ पुरोहितों और हक हकूकधारियों को सौंपने की मांग की है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय सरकार की ओर से 23 फरवरी 2019 को चारधाम मंदिरों के प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम के तहत देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन का निर्णय लिया था। इसके बाद चारधाम समेत इनसे संबंधित 51 मंदिरों का प्रबंधन सरकार के हाथ में आ गया था। तीर्थ पुरोहित और हक हकूकधारी आरंभ से ही इसका विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में गठित समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार पर अब इस पर पुनर्विचार कर रही है।

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इस बीच लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के गठन की प्रक्रिया के दौरान तीर्थ पुरोहितों और हक हकूकधारियों से राय लेकर उन्हें शामिल करते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए था। तीर्थ पुरोहित दशकों से मंदिरों में पूजा अर्चना और प्रबंधन करते आ रहे हैं। विधायक ने कहा कि उनकी आस्था और भावनाओं का ख्याल रखा जाना चाहिए। विधायक ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की। उन्होंने मुख्यमंत्री से देवस्थानम बोर्ड को भंग कर पुरानी व्यवस्था के तहत मंदिरों में पूजा और प्रबंधन पूर्व की भांति तीर्थ पुरोहितों और हक हकूकधारियों को सौंपे जाने की मांग की। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस पर विचार कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

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