पुरानी पेंशन की मांग पर तीन अक्तूबर को राज्‍यभर में प्रदर्शन करेंगे शिक्षक

रविवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों में बैठक में यह निर्णय लिया गया।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 06:00 AM (IST) Author: Sumit Kumar

देहरादून, जेएनएन। अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशनपुरानी पेंशन की मांग पर तीन अक्तूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी। एसोसिएशन की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। मांग को लेकर हर जिले की कार्यकारिणी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तराखंड की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को डीएम अथवा एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित करेगी।

रविवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों में आयोजित बैठक में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 अक्टूबर को प्रत्येक जनपद में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी का आयोजन करना भी तय किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय भाटिया ने बताया कि दोनों कार्यक्रमों को आयोजित के लिए कुमाऊं मंडल में डीआर बाराकोटी को प्रभारी एवं गढ़वाल मंडल में अनूप कुमार पाठक को प्रभारी एवं रामलाल आर्य को सह प्रभारी बनाया गया है। एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री जितेंद्र सिंह बुटोइया ने कहा कि एक ओर तो सरकार एक दिन के लिए बने जनप्रतिनिधि को जीवनभर पेंशन देती है। लेकिन नियमित सालों तक काम करने वाले कार्मिकों को पेंशन ना देकर सरकार सामाजिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन कर रही है।

यह भी पढ़ें: कोराना संक्रमितों की रिकवरी दर में हुआ सुधार, व्यवस्थाओं के मोर्चे पर जूझ रहे अधिकारियों को राहत

बैठक में विचार रखने वालों में एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल ह्यूमन, संयुक्त मंत्री विजय बैरवाण, संगठन मंत्री सुरेंद्र शमशेर जंग, मीडिया प्रभारी संजय कुमार, रघुवीर सिंह तोमर, वीरेंद्र टम्टा, भोपाल प्रसाद कोहली, दिगपाल आर्य, हरीश चंद्र आगरी, शिवलाल रडवाल आदि शामिल रहे।

 यह भी पढ़ें: विश्‍व पर्यटन दिवस पर बोले मुख्‍यमंत्री रावत, उत्‍तराखंड में धार्मिक और अन्‍य पर्यटन गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावा

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.