कोरोना के चलते स्‍कूल बंद, नए सत्र में दाखिले के लिए शिक्षकों ने शुरू की मुहिम

शिक्षकों ने अपने ओर से विशेष पहल कर कैंप लगाकर छात्रों के दाखिले ऑनलाइन लेना शुरू किया है।

कोरोना संक्रमण के चलते देहरादून शहर क्षेत्र के स्कूल 30 अप्रैल तक के लिए बंद रखे गए हैं। लेकिन दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू करना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने पहल कर दाखिले लेना शुरू किया है।

Sumit KumarMon, 19 Apr 2021 07:32 PM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून:  कोरोना संक्रमण के चलते देहरादून शहर क्षेत्र के स्कूल 30 अप्रैल तक के लिए बंद रखे गए हैं। लेकिन दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू करना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने अपने ओर से विशेष पहल कर कैंप लगाकर छात्रों के दाखिले ऑनलाइन लेना शुरू किया है। छात्रों को शिक्षक नए सत्र की ऑनलाइन कक्षा से जोड़ देंगे। बाद में स्कूल खुलने पर छात्रों को अपने सभी दस्तावेज सत्यापित करवाने होंगे।

कैप्टन प्रतीक आचार्य राजकीय इंटर कॉलेज, डोभालवाला ने विशेष पहल कर छात्रों को स्कूल ने आसपास के क्षेत्र में चार बूथ कैंप लगाकर छात्रों को उनकी अंकतालिका बांटना शुरू किया था। स्कूल के प्रधानाचार्य एसएस बिष्ट ने बताया कि स्कूल की ओर से चार बूथ बनाए गए। इन्हीं बूथों पर छात्रों का प्रवेश लिए जा रहे हैं। वहीं शिक्षक नजदीकी छात्रों के घर जाकर भी उनका प्रवेश ले रहे हैं। उधर, राजकीय इंटर कॉलेज छरबा देहरादून के शिक्षक घर-घर जाकर प्रवेश ले रहे हैं। स्कूल के एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र सिंह बुटोइया ने बताया कि कोरोना के नियमों का पूरा पालन करते हुए शिक्षक छात्रों के घर जा रहे हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी पैन्यूली ने बताया कि स्कूलों को प्रवेश उत्सव के तहत हर कक्षा में नए दाखिले लेने को कहा गया है। हालांकि छठी, नौवीं और 11वीं कक्षा के दाखिलों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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स्कूल बंदी की अवधि जुलाई तक बढ़ाए सरकार

देहरादून। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए राज्य सरकार ने नॉन बोर्ड कक्षाओं के लिए दून, हरिद्वार समेत अन्य कुछ स्थानों पर 30 अप्रैल तक स्कूल बंद रखे हैं। वहीं रविवार को बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। अब प्रदेश में काबू से बाहर हो रहे संक्रमण को देखते हुए शिक्षकों ने हर कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल जुलाई तक बंद ही रखने की मांग उठाना शुरू कर दिया है।

प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि राज्य में बढ़ रही संक्रमण की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही। अगर इसी रफ्तार से संक्रमण बढ़ता रहा तो हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। पहले ही स्कूलों तक कोरोना तो पहुंच ही चुका है अब छात्र और शिक्षक स्कूल आए तो संक्रमण और ज्यादा फैलना तय है। थापा ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कहा कि कम से कम जुलाई महीने तक स्कूल बंद ही रखे जाने चाहिए।

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