जौनसार-बावर में प्राचीन न्याय व्यवस्था में सुधार पर बनी सहमति

साहिया/कालसी जौनसार-बावर के समाल्टा में पहली बार 39 खतों के सदर स्याणा और 35 खाग के उप स्याणाओं का सम्म्ेलन समाल्टा में आयोजित किया गया।

JagranFri, 22 Oct 2021 09:04 PM (IST)
जौनसार-बावर में प्राचीन न्याय व्यवस्था में सुधार पर बनी सहमति

संवाद सूत्र, साहिया/कालसी: जौनसार-बावर के समाल्टा में पहली बार 39 खतों के सदर स्याणा और 35 खाग के उप सदर स्याणाओं का सम्मेलन हुआ। इसमें जनजाति क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को ध्वनिमत से सात संकल्प पारित किए गए। सम्मेलन में जनजाति क्षेत्र की प्राचीन परंपरा, रीति-रिवाज और सुलभ व सरल न्यायिक प्रणाली को लेकर भी मंथन किया गया।

संवाद सम्मेलन में सदर स्याणा सुनील जोशी ने कहा कि लोक पंचायत की यह सराहनीय पहल है। ऐसे समय में जब राजनीति के कारण गांव विखंडित हो रहे हैं, तब गांवों को एक सूत्र से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की रीति-नीति, परंपराओं को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के आयोजन बेहद आवश्यक है। कहा कि, प्राचीन न्याय व्यवस्था सामूहिक पंचों के निर्णय से संचालित होती थी, जबकि स्याणा एक माध्यम होते थे, वह समाज को साथ लेकर कार्य करते थे। अधिकांश स्याणा ने यह भी स्वीकार किया कि आज आपसी समाजस्य में कमी आई है, जिसे सुधारने के लिए वह कटिबद्ध हैं। सदर स्याणा पशगांव शूरवीर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में भले ही स्याणा का दायित्व महत्वहीन हो गया हो, लेकिन आज भी स्याणा समाज को संगठित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खत बावर के स्याणा चमन सिंह ने कहा कि जौनसार-बावर में सुलभ न्यायिक व्यवस्था, अशोक का शिलालेख और चार महासू देवता का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। हमारी संस्कृति इन ऐतिहासिक धरोहर से बची हुई है। मातृशक्ति को अच्छी शिक्षा को देने के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी देने होंगे। इससे हमारा घर-परिवार भी अच्छा बने। लोक पंचायत के वरिष्ठ सदस्य व संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान ने कहा कि जौनसार-बावर की न्यायिक प्रणाली त्वरित व निष्पक्ष है। इसमें महिलाओं और सभी वर्गो का समावेश किया जाएगा। लोक पंचायत सदस्य जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि हमें स्थानीय स्तर पर ही अपना स्वरोजगार पैदा करना होगा, जिससे हमारी संस्कृति और पलायन दोनों ही बचेगा। समापन सत्र में लोक पंचायत के सदस्य श्रीचंद शर्मा ने कहा लोक पंचायत पूरे जौनसार-बावर में सामाजिक कर्याों को पूरे लगन से करेगी।

स्याणा संवाद सम्मेलन में सदर स्याणा शूरवीर सिंह, राजेश्वर सिंह तोमर, मोहर सिंह, दिग्विजय सिंह, जगत सिंह चौहान, अर्जुन सिंह तोमर, वजीर बलदेव सिंह तोमर,शमशेर सिंह, श्याम सिंह चैहान, विजयपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह तोमर, रजनीश पंवार, विजयपाल सिंह, महेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह तोमर, राजेन्द्र सिंह राय, पूरण सिंह राणा, जगवीर सिंह चौहान, दौलत सिंह रावत, सरदार सिंह रावत, अतर सिंह तोमर, बलदेव सिंह, संजय सिंह, प्रताप सिंह रावत, प्रताप सिंह चौहान, मंजीत सिंह, रजनीश सिंह, अतर सिंह, रनेश सिंह राणा, फतेह सिंह, सूरत राम जोशी, हरदेव सिंह, महेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह राणा, दिनेश कुमार अग्रवाल, शूरवीर सिंह, जगत सिंह, महेन्द्र सिंह, आइटीबीपी आइजी गंभीर सिंह चौहान, पद्मश्री प्रेमचन्द शर्मा, महावीर सिंह नेगी, फतेह सिंह आदि मौजूद रहे।

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स्याणा संवाद सम्मेलन में पारित सात प्रस्ताव

कालसी: स्याणा संवाद सम्मेलन में सात प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें जीवन के प्रत्येक पायदान पर जौनसारी समाज के प्रत्येक संस्कार और व्यवहार के विधान निर्मित है, जिसमें हमारी न्यायिक व्यवस्था भी निहित है, हम इसमें कुछ संशोधन के साथ इसे संरक्षित करने का प्रयास करेंगे। संपूर्ण जौनसार-बावर हमारी एक पारिवारिक इकाई है, इसमें हम किसी भी प्रकार का वैमनस्य नहीं आने देंगे। जाति भेद-वर्ग भेद राजनीति के कारण गांव के आंगन के बंटवारे को भी स्वीकार नहीं करेंगे। संविधान के अनुकूल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं उसके सहभागी भी है, छोटे-छोटे विवादों के कारण हमारा समय और धन का अपव्यय न हो, इसलिए जौनसार-बावर में आपसी सौहार्द त्वरित और निष्पक्ष न्याय के लिए स्थानीय परंपरागत न्याय व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करेंगे। सभी जाति वर्ग शिक्षा के नए कीर्तिमान स्थापित करें, मातृशक्ति और कोई भी वर्ग शिक्षा से वंचित न रहे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर जौनसार बावर की रीति-नीति में सहयोगी बने। जौनसार बावर क्षेत्र में अनेक असामाजिक गतिविधियों का चलन बढ़ रहा है, नशावृति नौजवानों का जीवन छीन रहा है, गांव स्तर पर ही इसको रोकने का प्रयास किया जाएगा। जौनसार बावर अतिथि देवो भव: की परंपरा पर कायम रहेगा। मातृशक्ति और मातृभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए जौनसार-बावर का जनमानस असामाजिक तत्वों को प्रवेश नहीं करने देगा। तीर्थाटन व पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे, जिसके आधार पर हमारे देवस्थान, तीज त्योहार भी होंगे।

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आकर्षण का केंद्र रहा पगड़ी सम्मान

साहिया: समाल्टा में हुए स्याणा संवाद सम्मेलन में लोक पंचायत की ओर से सभी को पगड़ी पहनाई गई। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश व बिन्हार के स्याणा भी आए और वार्ता में हिस्सा लिया। संवाद सम्मेलन में थ्रोच के स्याणा मायाराम चौहान, ओम प्रकाश शर्मा स्याणा चैंतरू टिटियाणा, ओमप्रकाश ठाकुर स्याणा शरली, बिन्हार स्याणा दीपक तोमर, खाग स्याणाओं में सूरत सिंह चौहान, बैजराम सिंह, बचन सिंह राठौर, अमर सिंह चौहान, टीकम सिंह, गुलाब सिंह नेगी, परम सिंह, मिल्कीराम जोशी, बुद्ध सिंह तोमर, रघुवीर नौटियाल, केशर सिंह शर्मा, पिताम्बर सिंह, प्रीतम सिंह, कृपाल सिंह राणा, जगत सिंह, अतर सिंह, महावीर सिंह, खजान सिंह, सरब सिंह, बलवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह तोमर, विरेन्द्र सिंह पंवार, संदीप सिंह, प्रताप सिंह चौहान, सरदार सिंह चौहान, सुनील राणा, किशन सिंह राणा, पूरण सिंह, श्याम सिंह, टीकम सिंह, विजय सिंह, अतिथियों में हनोल मंदिर समिति सचिव व वजीर मोहनलाल सेमवाल, अर्जुन सिंह भंडारी, जौनसार-बावर कर्मचारी मंडल अध्यक्ष तुलसी तोमर, इंद्र सिंह नेगी, नत्थी सिंह तोमर, पूर्व प्रधान रणवीर सिंह चौहान, महेंद्र सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।

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