एलईडी स्ट्रीट लाइट कंपनी के दफ्तर पर पार्षदों ने जड़ा ताला

जागरण संवाददाता देहरादून शहर को तकरीबन 80 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी से जगमग करने का जिम्मा संभालने वाली कंपनी की लचर कार्यशैली पर पार्षदों का पारा आखिरकार चढ़ ही गया।

JagranFri, 22 Oct 2021 09:37 PM (IST)
एलईडी स्ट्रीट लाइट कंपनी के दफ्तर पर पार्षदों ने जड़ा ताला

जागरण संवाददाता, देहरादून: शहर को तकरीबन 80 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी से जगमग करने का जिम्मा संभालने वाली कंपनी की लचर कार्यशैली पर पार्षदों का पारा आखिरकार चढ़ ही गया। शुक्रवार को भाजपा पार्षदों ने कंपनी के कार्यालय में ताला जड़ दिया। इसके बाद नगर निगम में पहुंचकर अपर नगर आयुक्त रोहिताश शर्मा के कक्ष में जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने कंपनी को काली सूची में डालने और दूसरी कंपनी को काम सौंपने की मांग की। कंपनी की लापरवाह कार्यशैली को लेकर महापौर सुनील उनियाल गामा भी नाराज दिखे और कंपनी को अधिकारियों को तलब किया।

नगर निगम की ओर से दिल्ली की एक कंपनी से शहर में पुराने साठ वार्डो में पुरानी सोडियम लाइटें हटाने एवं नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का करार किया गया था। उक्त कंपनी की कार्यशैली शुरुआत से विवादों में रही। निर्धारित समय के बजाए कंपनी ने दो साल की देरी से यह काम पूरा किया। नगर निगम ने इसके बावजूद नए 40 वार्डो में भी एलईडी लाइटें लगाने का काम इसी कंपनी को दे दिया। कंपनी को जुलाई में काम पूरा करना था, जो अब तक आधा भी नहीं हो पाया है। इधर, पुराने वार्डो में लगाई आधी से ज्यादा एलईडी लाइटें खराब हो चुकी हैं। पार्षद लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं, मगर निगम अधिकारी कुछ करने को तैयार नहीं। ज्यादातर वार्डो में लगी सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और कंपनी इन्हें ठीक ही नहीं कर रही। निगम के शिकायत प्रकोष्ठ में बंद स्ट्रीट लाइटों को लेकर रोजाना सौ से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं।

शुक्रवार को भाजपा पार्षद भूपेंद्र कठैत, दिनेश चंद्र सती, महिपाल धीमान व नंदनी शर्मा आदि कंपनी के ईसी रोड स्थित दफ्तर में पहुंचे और जमकर हंगामा किया। कंपनी के अधिकारियों से फोन पर उचित जवाब न मिलने पर पार्षदों ने वहां ताला जड़ दिया व निगम पहुंचकर चाबी अपर नगर आयुक्त के सुपुर्द कर दी। इस दौरान महापौर भी निगम पहुंच गए। महापौर ने कहा कि खराब स्ट्रीट लाइट को लेकर दस दिन पूर्व ही कंपनी के अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी। इसमें अधिकारियों ने दस दिन में सभी लाइटों को ठीक करने का भरोसा दिया था, मगर ऐसा नहीं हुआ। कंपनी के अधिकारियों से गुजरे दस दिन में ठीक की गई लाइटों और लंबित लाइटों का ब्योरा तलब किया। लाइटें ठीक होंगी तभी खुलेगा ताला

महापौर गामा ने कंपनी के अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि पहले पुरानी सभी खराब लाइटें ठीक होंगी, उसके बाद ही कंपनी का दफ्तर खुलेगा। महापौर की ओर से तलब किया गया ब्योरा निकालने के लिए कंपनी ने दफ्तर की चाबी मांगी। महापौर के आदेश पर कंपनी को एक घंटे के लिए चाबी दी गई और दफ्तर पर फिर ताला लगा दिया गया।

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