रोडवेजकर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल स्थगित, सीएम के आश्वासन के बाद लिया फैसला

पांच माह से वेतन न मिलने से गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों की शनिवार सुबह से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी बेमियादी हड़ताल मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद स्थगित कर दी गई। इस संबंध में शुक्रवार देर रात संयुक्त परिषद के कर्मचारी नेताओं की मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ उनके आवास पर मुलाकात हुई।

Raksha PanthriSat, 19 Jun 2021 10:33 AM (IST)
रोडवेजकर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल स्थगित। प्रतीकात्मक फोटो

जागरण संवाददाता, देहरादून। पांच माह से वेतन न मिलने से गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों की शनिवार सुबह से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी बेमियादी हड़ताल मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद स्थगित कर दी गई। इस संबंध में शुक्रवार देर रात संयुक्त परिषद के कर्मचारी नेताओं की मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ उनके आवास पर मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख रही है और जल्द वेतन का समाधान निकाल लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस मामले में निष्कर्ष निकालने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि पांच माह से वेतन न मिलने के कारण रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। पहले डिपो व उसके बाद मंडल कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के बाद परिषद ने गुरूवार दोपहर सरकार के खिलाफ गांधी पार्क में प्रदेशव्यापी धरना दिया था। परिषद ने शनिवार सुबह से बेमियादी हड़ताल करने की चेतावनी दी हुई थी लेकिन उससे पहले ही शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें वार्ता के लिए बुला लिया गया व मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से सुना।

कर्मचारियों ने सरकार से रोडवेज की मदद के लिए सौ करोड़ रूपये की मांग की, ताकि लंबित वेतन और बाकी भुगतान पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि सरकार रोडवेज को हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते ही उन्होंने रोडवेज के लिए 20 करोड़ रूपये की मदद की फाइल मंजूर की है। उन्होंने कर्मचारियों को कुछ दिन के लिए सब्र रखने की सलाह दी और भरोसा दिया कि सरकार सबकी परेशानी हल करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद परिषद ने अपनी हड़ताल का निर्णय स्थगित कर दिया।

परिषद की मांगों में समस्त लंबित भुगतान समेत कोरोना के चलते मृत कर्मी के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने, कोरोना से मृत संविदा-विशेष श्रेणी कर्मी के परिवार के आश्रित को नौकरी देने, ईपीएफ में रकम जमा करने, निगम की बसों को गत वर्ष की तरह यात्री कर से छूट देने, संविदा व विशेष श्रेणी चालक व परिचालकों को दैनिक 250 किमी ड्यूटी के आधार पर ड्यूटी पर मानते हुए भुगतान की मांग शामिल थी।

यह भी पढ़ें- ऋषिकेश में चिकित्सकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ आइएमए ने मनाया विरोध दिवस

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.