उत्तराखंड से गुजरात भेजे जाएंगे छह गुलदार, अनुमति के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव

हरिद्वार और नैनीताल के दोनों रेसक्यू सेंटर में नए गुलदार को रखने के लिए जगह नहीं बची है। दोनों केंद्रों में वर्तमान में कुल 13 गुलदार हैं। इनकी देखभाल पर भारी-भरकम खर्च आ रहा है। इसे देखते हुए प्रथम चरण में छह गुलदारों को गुजरात भेजने की तैयारी है।

Sunil NegiSat, 12 Jun 2021 10:22 AM (IST)
प्रथम चरण में छह गुलदारों को उत्‍तराखंड से गुजरात भेजने की तैयारी है।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों से पकड़े गए आदमखोर गुलदार अब वन विभाग के लिए भी मुसीबत का सबब बन गए हैं। हरिद्वार और नैनीताल के दोनों रेसक्यू सेंटर में नए गुलदार को रखने के लिए जगह नहीं बची है। दोनों केंद्रों में वर्तमान में कुल 13 गुलदार हैं। इनकी देखभाल पर भी भारी-भरकम खर्च आ रहा है। इसे देखते हुए प्रथम चरण में छह गुलदारों को यहां से गुजरात भेजने की तैयारी है। केंद्रीय चिड़ि‍याघर प्राधिकरण (सीजेडए) से इस संबंध में हरी झंडी मिलने के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने अनुमति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।

यह किसी से छिपा नहीं है कि प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष निरंतर गहरा रहा है। आंकड़ों पर ही गौर करें तो राज्य गठन से अब तक सात सौ से ज्यादा व्यक्तियों की मौत वन्यजीवों के हमलों में हुई है, जबकि घायलों की संख्या इसके तीन गुना ज्यादा है। इनमें भी 70 से 80 फीसद हमले गुलदारों के हैं। हालांकि, आदमखोर घोषित जो गुलदार पकड़ में आते हैं, उन्हें हरिद्वार के चिड़ि‍यापुर और नैनीताल के रानीबाग स्थित रेसक्यू सेंटर में भेजा जाता है।

चिडिय़ापुर में वर्तमान में नौ और रानीबाग में ऐसे चार गुलदार हैं। अब अगर कोई गुलदार पकड़ा जाता है तो उसे इन सेंटर में रखने को बाड़ा नहीं है। असल में रेसक्यू सेंटर में रह रहे गुलदारों को पालने में खर्च अधिक आ रहा है। चिड़ि‍यापुर रेसक्यू सेंटर को ही देखें तो वहां करीब 22 लाख रुपये का सालाना खर्च नौ गुलदारों को पालने में आ रहा है। उस पर तुर्रा ये कि इन गुलदारों को न तो जंगल में छोड़ा जा सकता है और न चिड़ि‍याघरों में। इसी क्रम में वन विभाग ने रास्ता निकाला कि इन गुलदारों को देश के अन्य स्थानों पर स्थित उन रेसक्यू सेंटर में भेजा जाए, जहां जगह है।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के अनुसार इस संबंध में सीजेडए को पत्र भेजा गया था। सीजेडए ने इसकी अनुमति देने के साथ ही देश में विभिन्न स्थानों पर स्थित रेसक्यू सेंटर का ब्योरा भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि गुजरात के जामनगर रेसक्यू सेंटर की क्षमता 50 गुलदारों को रखने की है, लेकिन वर्तमान में वहां सिर्फ चार ही गुलदार हैं। इसे देखते हुए चिड़ि‍यापुर रेसक्यू सेंटर से छह गुलदार जामनगर भेजने के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। उन्होंने बताया कि गुलदार राज्य की संपत्ति है। ऐसे में उसे अन्यत्र भेजने के संबंध में शासन की अनुमति जरूरी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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