मलबे को डंपिग जोन की बजाय खेतों में डालने के निर्देश

साहिया कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर लालपुल के पास मलबा आने के कारण दो दिन से बंद कालसी-चकराता मोटर मार्ग को सुचारू करने के लिए एसडीएम मौके पर पहुंचे।

JagranFri, 17 Sep 2021 02:14 AM (IST)
मलबे को डंपिग जोन की बजाय खेतों में डालने के निर्देश

संवाद सूत्र, साहिया: कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर लालपुल के पास मलबा आने के कारण दो दिन से बंद लाइफ लाइन को खुलवाने के लिए एसडीएम सौरभ असवाल सिचाई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और मलबे को डंपिग जोन की बजाय नीचे खेतों में ही डालने के निर्देश दिए, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात जल्द सुचारू कराया जा सके।

मंगलवार को लालपुल के पास भूस्खलन के दौरान पत्थर गिरने से एक वाहन उसकी चपेट में आ गया था, जिसमें सवार नौ लोग घायल हो गए थे। रात में करीब दस बजे भारी मात्रा में मलबा रोड पर गिरने की वजह से यहां आवागमन तभी से बाधित है। दूसरे दिन गुरुवार को भी मार्ग पर आवागमन सुचारू नहीं हो सका। इसकी वजह यह है कि ग्रामीण मलबे को खेतों में डालने का विरोध कर रहे हैं, जिसके कारण लोनिवि को मलबा वाहनों में भरकर कहीं और डंपिग जोन में डालना पड़ रहा है। लोनिवि अधिकारियों ने इस कार्य के लिए दो जेसीबी, दो ट्रक और दो टैक्टर ट्रालियां लगाई है। समझाने पर भी किसान अपने खेत में मलबा डालने पर राजी नहीं हुए तो लोनिवि ने तहसील प्रशासन का सहयोग मांगा। इसके चलते चकराता एसडीएम सौरभ असवाल लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीपी व सिचाई विभाग के जेई सुनील शर्मा के साथ मौके पर पहुंचे। मार्ग पर आवागमन जल्द सुचारू हो सके इसके लिए उन्होंने मलबे को नीचे खेतों में ही डालने का निर्णय लिया। एसडीएम ने कहा कि मलबा डालने से जो भी नुकसान होगा सिंचाई विभाग उसकी मरम्मत करेगा। किसानों के साथ फैसला होने के बाद उम्मीद है कि शुक्रवार तक कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर यातायात सुचारू हो जाएगा। इस दौरान तहसीलदार रूप सिंह, सहायक अभियंता अनूप उनियाल, जेई पंकज बडोनी, पटवारी सुखदेव जिनाटा, रति राम राजगुरू आदि मौजूद रहे।

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