School Reopening In Uttarakhand: सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे स्कूल, दो दिन होगा सैनिटाइजेशन; ये भी दिए गए निर्देश

School Reopening In Uttarakhand उत्तराखंड में सरकारी और निजी स्कूल पढ़ाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। शनिवार व रविवार को जिला प्रशासन नगर निकाय व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सैनिटाइजेशन व फागिंग भी कराई जाएगी।

Raksha PanthriSat, 31 Jul 2021 07:45 AM (IST)
सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे स्कूल, दो दिन होगा सैनिटाइजेशन; ये भी दिए गए निर्देश।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। School Reopening In Uttarakhand उत्तराखंड में सरकारी और निजी स्कूल पढ़ाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। शनिवार व रविवार को जिला प्रशासन, नगर निकाय व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सैनिटाइजेशन व फागिंग कराई जाएगी। स्कूलों में शिक्षकों, कर्मचारियों और भोजन माताओं के टीकाकरण की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी। टीकाकरण से वंचित कार्मिकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ज्यादा छात्रसंख्या वाले स्कूलों को दो पालियों में चलाया जाएगा। पहले जारी एसओपी का करना होगा पालनदो अगस्त से सरकारी व निजी स्कूलों को खोलने के संबंध में शिक्षा विभाग ने मानक प्रचलन कार्यविधि (एसओपी) जारी नहीं की।

शिक्षा सचिव राधिका झा ने कोविड-19 प्रोटोकाल को ध्यान में रखकर 23 बिंदुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकाल के संबंध में स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से समय-समय पर जारी एसओपी का अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ को बनाया जवाबदेहसचिव ने बताया कि मुख्य शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी, प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन स्कूलों को खोलने से पहले सभी कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल स्थानों समेत सभी स्थानों के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

स्कूलों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य होगी। जर्जर कक्षाओं में शिक्षण कार्य नहीं कराया जाएगा। बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था और वहां स्वच्छता रखने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण होने पर तुरंत देनी होगी सूचनास्कूलों में सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क, सैनिटाइजर के उपयोग का पालन कराने के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा।

शिक्षा सचिव ने बताया कि स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों व अन्य स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने की स्थिति में समय पर इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य और नोडल अधिकारी की होगी। इसके लिए जिले में व्यवस्था बनाने समेत सभी स्कूलों में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए लिए मुख्य शिक्षाधिकारी को भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया गया है। सम-विषम रोल नंबर से बुलाएं छात्र अधिक छात्रसंख्या वाले स्कूलों में दो पालियां संचालित करने और छात्रों को अनुक्रमांक के सम और विषम क्रम में बुलाने को कहा गया है।

कम छात्रसंख्या वाली संस्थाओं में एक पाली में कक्षाएं चलाई जा सकेंगी। स्कूलों में प्रवेश एवं छुट्टी के समय सभी कक्षाओं को एक साथ नहीं छोड़ा जाएगा। छात्रों को लाने-ले जाने के लिए वाहनों में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन कराया जाएगा। स्कूल तैयार करेंगे आंतरिक एसओपी आवासीय व डे-बोर्डिंग स्कूलों में प्रधानाचार्य समेत समस्त स्टाफ का टीकाकरण कराना होगा। स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य को इसके लिए जवाबदेह बनाया गया है।

आवासीय परिसर में रहने वाले छात्रों व स्टाफ को अधिकतम 48 घंटे पहले आरटीपीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। इसके बाद ही उन्हें विद्यालय में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। सभी स्कूलों को आंतरिक एसओपी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डेंगू से बचाव के करने होंगे उपायकोरोना संक्रमण से सुरक्षा के साथ डेंगू से छात्रों के बचाव के निर्देश भी दिए गए हैं। छात्रों को स्कूल अवधि में पूरी बाजू के पैंट-शर्ट, सलवार-कमीज पहनकर उपस्थिति होने के निर्देश स्कूलों को देने होंगे।

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