top menutop menutop menu

छात्र-छात्राओं को पैसे के बजाए किताबें देने पर फैसला जल्द

छात्र-छात्राओं को पैसे के बजाए किताबें देने पर फैसला जल्द
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 09:58 PM (IST) Author:

देहरादून, राज्य ब्यूरो। सरकारी व सहायताप्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक अध्ययनरत लाखों छात्र-छात्राओं को धनराशि के बजाय मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने पर फैसला आगामी कैबिनेट में लिया जा सकता है। पिछली कैबिनेट में यह प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन चर्चा से पहले ऐन वक्त पर महकमे ने इसे वापस ले लिया था। 

कोरोना महामारी के चलते नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद प्रदेश में शिक्षण संस्थाएं अभी तक खुल नहीं पाई हैं। छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिये पढ़ाने की कसरत चल रही है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने चालू सत्र के दौरान पाठ्यपुस्तकों की धनराशि छात्र-छात्राओं के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पहुंचाने के बजाए पाठ्यपुस्तक देने के निर्देश दिए थे। दरअसल बीते वर्ष इन पुस्तकों के एवज में धनराशि छात्र-छात्राओं के खाते में डीबीटी से भेजी गई थी। बाद में पता चला कि डीबीटी से पैसा देने के बावजूद दूरदराज के छात्रों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलीं थीं। यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने पाठ्यपुस्तकें छात्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

कक्षा एक से आठवीं तक करीब सात लाख 13 हजार सात सौ से ज्यादा छात्र-छात्राओं और माध्यमिक में करीब डेढ़ से दो लाख छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें दी जाती हैं। कक्षा एक से पांचवीं तक पुस्तक के लिए प्रत्येक छात्र को 250 रुपये, कक्षा छह से आठवीं तक 400 रुपये प्रति छात्र, नवीं से दसवीं तक प्रति छात्र 600 रुपये और 11वीं व 12वीं में विज्ञान वर्ग के लिए 1000 रुपये और अन्य विषयों के लिए 700 रुपये प्रति छात्र डीबीटी से धनराशि दी जाती रही है।  

यह भी पढ़ें: एमकेपी पीजी कॉलेज में स्‍नातक और स्‍नाकोत्‍तर के लिए 31 अगस्‍त तक करें ऑनलाइन पंजीकरण

शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा महकमे ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया। इसे पिछली कैबिनेट बैठक में रखा गया। उक्त बैठक में शिक्षा मंत्री गैरमौजूद रहे थे। बताया जा रहा है कि चर्चा से पहले ही उक्त प्रस्ताव महकमे ने वापस ले लिया। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि उक्त प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में रखने के बारे में जल्द निर्णय लिया जाएगा। 

 यह भी पढ़ें: डीएवी पीजी कॉलेज में स्नातक की 3815 सीटों के लिए दाखिले शुरू, ऑनलाइन होगा एडमिशन

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.