उत्तराखंड में जोखिम आधारित आडिट की व्यवस्था लागू, ऐसा करने वाला बना पहला राज्य

आंतरिक लेखापरीक्षा के नए नियमों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही उत्तराखंड जोखिम आधारित आंतरिक लेखापरीक्षा लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। बता दें कि प्रदेश में वर्ष 2011 के बाद आडिट के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।

Raksha PanthriSun, 28 Nov 2021 11:37 AM (IST)
उत्तराखंड में जोखिम आधारित आडिट की व्यवस्था लागू।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड के आंतरिक लेखापरीक्षा के नए नियमों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही उत्तराखंड जोखिम आधारित आंतरिक लेखापरीक्षा लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। बता दें कि प्रदेश में वर्ष 2011 के बाद आडिट के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। बदलाव के बाद तैयार किए गए उत्तराखंड आंतरिक लेखापरीक्षा नियम संग्रह-2021 को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। दरअसल वर्ष 2015 में केंद्र के विभिन्न विभागों में जोखिम आधारित आंतरिक लेखापरीक्षा प्रारंभ की गई है। उत्तराखंड में भी यह व्यवस्था लागू की गई है। नियम संग्रह में इस लेखापरीक्षा को क्रियान्वित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जिनमें लेखापरीक्षा के समस्त चरण आनलाइन माध्यम से संपादित किए जा रहे हैं। वर्ष 2019-20 और 2020-21 में आनलाइन लेखापरीक्षा प्रणाली संपादित की जा रही है। वित्त सचिव अमित नेगी ने बताया कि लेखापरीक्षा नियम संग्रह में उत्तराखंड आनलाइन आडिट मैनेजमेंट सिस्टम को भी शामिल किया गया है। लेखा परीक्षा की गुणवत्ता, कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्षेत्रों में विशेषज्ञता के लिए भी नियमों की व्यवस्था की गई है।

वित्त सचिव ने बताया कि सरकारी विभागों में अब जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद की जा रही है। इस संबंध में प्रोक्योरमेंट नियमों में किए गए संशोधन को अब नए नियम संग्रह में भी जगह दी गई है। मंत्रिमंडल ने छह नियम संग्रह के साथ ही शहरी निकायों और ग्रामीण निकायों की जांच सूची को भी स्वीकृति दी है। परफारमेंस आडिट व सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े बिंदुओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

पीएम की रैली को लेकर सौंपी जिम्मेदारियां

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चार दिसंबर को देहरादून में होने वाली रैली के मद्देनजर भाजपा तैयारियों में जुट गई है। इस कड़ी में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों के साथ विमर्श किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्त्ता रैली को सफल बनाने के लिए जुट जाएं। इस मौके पर पार्टीजनों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। बैठक में महापौर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट समेत विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष आदि उपस्थित थे।

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