जगी उम्मीद : ऋषिकेश-नीलकंठ रोपवे निर्माण की कवायद शुरू

यमकेश्वर प्रखंड में मणिकूट पर्वत की तलहटी में स्थित पौराणिक श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के लिए ऋषिकेश से रोपवे का सपने को अब जल्द ही हकीकत बनने की उम्मीद जगी है। सब कुछ ठीक रहा तो दो वर्ष के भीतर ऋषिकेश से नीलकंठ के लिए रोपवे का विकल्प खुल जाएगा।

Sunil NegiThu, 17 Jun 2021 10:52 AM (IST)
अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण करते उप जिलाधिकारी मनीष कुमार व नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल।

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। यमकेश्वर प्रखंड में मणिकूट पर्वत की तलहटी में स्थित पौराणिक श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के लिए ऋषिकेश से रोपवे का सपने को अब जल्द ही हकीकत बनने की उम्मीद जगी है। सब कुछ ठीक रहा तो दो वर्ष के भीतर ऋषिकेश से नीलकंठ के लिए रोपवे का विकल्प खुल जाएगा।

ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे बनाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है। कई बार इसके लिए सर्वे भी हुए। मगर, कभी राजाजी पार्क के कानून आड़े आए तो कभी अन्य कारण। लेकिन, अब इंडियन पोर्ट रेल एवं रोपवे कारपोरेशन के साथ स्थानीय प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम के मुख्य आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि पर्यटन की दृष्टि से राज्य सरकार की ओर से ऋषिकेश से नीलकंठ तक पर्यटन विभाग को रोपवे बनाए जाने की स्वीकृति दे दी गई है।

बुधवार को कारपोरेशन के अधिकारियों के साथ प्रशासन की टीम ने प्रस्तावित रोपवे के रूट व स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि रोपवे के लिए इंडियन पोर्ट रेल एवं रोपवे कारपोरेशन लिमिटेड के लिए मैपेज इंफ्राट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है। शासन स्तर पर पूर्व में कई दौर की बैठकों के बाद इस परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2024 में नीलकंठ के लिए रोपवे का विकल्प खुल जाएगा। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मनीष कुमार, परियोजना के डीजीएम सिविल जयनंद, असिस्टेंट मैनेजर जगमोहन, मैपेज इंफ्राट्रक्चर के निदेशक भूपेंद्र पुंडीरआदि मौजूद थे।

ऋषिकेश से नीलकंठ तक होंगे चार स्टेशन

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह रोपवे ऋषिकेश से नीलकंठ होते हुए पार्वती मंदिर (भौन) तक बनाया जाएगा। इस रोपवे की कुल लंबाई साढ़े छह किलोमीटर होगी। रोपवे पर चार पड़ाव होंगे। यह रोपवे ऋषिकेश के चारधाम यात्र बस टर्मिनल से आरंभ होगा, जिसके बाद नाव घाट (त्रिवेणी घाट) पर दूसरा पड़ाव होगा। जबकि तीसरा पड़ाव नीलकंठ महादेव मंदिर तथा चौथा और अंतिम पड़ाव पार्वती मंदिर (भौन) होगा।

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