पल भर में ही बदल गया सैंण-भंगेली का भूगोल

पल भर में ही बदल गया सैंण-भंगेली का भूगोल

आधा घंटे की मूसलाधार बारिश ने दोगी पट्टी में ग्राम पंचायत क्यारा के खंड गांव सैंण-भंगेली का भूगोल बदल कर रख दिया।

JagranWed, 12 May 2021 07:40 PM (IST)

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : आधा घंटे की मूसलाधार बारिश ने दोगी पट्टी में ग्राम पंचायत क्यारा के खंड गांव सैंण-भंगेली का भूगोल बदल कर रख दिया। यहां अतिवृष्टि से गांव के बीचोंबीच गहरी खाई बन गई है। तीन पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि कई घरों के आंगन, गोशाला और खेत-खलिहान अब पहचानने भी मुश्किल हो गए हैं।

मंगलवार सायं करीब साढ़े पांच बजे नरेंद्रनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत क्यारा के खंड गांव सैंण-भंगेली में अतिवृष्टि से बरसाती नालों में उफान आ गया था। यहां गांव के निकट बहने वाले एक नाले का रुख पलटकर गांव की ओर आ गया। जिससे यहां स्थानीय ग्रामीण देवचंद, कृपाल सिंह व कुंदन सिंह के तीन पक्के आवास क्षतिग्रस्त हो गए। यहां कई अन्य भवनों के आंगनों की दीवारें टूट गई हैं। घरों में मलबा और पानी भर जाने से घरों में रखा राशन और अन्य सामान खराब हो गया है।

करीब आधा घंटे तक चले प्रकृति के इस तांडव ने सैंण-भंगेली गांव का पूरा भूगोल ही बदल कर रख दिया है। जहां गांव के घरों के बीच सरपट दौड़ने वाली पगडंडीनुमा छह फुटी रास्ते होते थे, वहां अब गांव के बीच गहरी खाई बन गई है। गांव के नीचे जो सिचित खेत फसल से लहलहाते थे, वहां मलबा पसरा हुआ है। ग्रामीणों को अपने खेत-खलिहान पहचानने भी मुश्किल हो रहे हैं। बीती सायं का मंजर ग्रामीणों की आंखों में खौफ बनकर तैर रहा है। ग्राम प्रधान सुल्तान सिंह पुंडीर ने बताया कि मंगलवार सायं से गांव में अलग ही खौफनाक माहौल बना हुआ है। कई घरों में तो रात को खाना तक नहीं पका। पूर्व सैनिक गजेंद्र सिंह राणा ने प्रशासन से गांव में हुई क्षति का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से गांव की सिचाई गूलों व रास्तों को भी नुकसान पहुंचा है, जिन्हें शीघ्र दुरुस्त कराने की जरूरत है।

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नुकसान का जायजा लेने पहुंची टीम

मंगलवार सायं अतिवृष्टि से ग्रामसभा क्यारा के सैंण-भंगेली में हुए नुकसान का जायजा लेने नरेंद्रनगर तहसील से क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक टीम के साथ गांव में पहुंचे। तहसील प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि से गांव में तीन भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि पांच से सात पशुओं की मौत हुई है। वहीं अतिवृष्टि से आए मलबे से पंद्रह ग्रामीणों के खेतों व पेड़ पैधों को भारी नुकसान हुआ है। जिनमें कुशाल सिंह, बचन सिंह, टुम्मी सिंह, कृपाल सिंह, देवचंद, नारायण सिंह, दयाल सिंह, कुंदन सिंह, मंगल सिंह, जबर सिंह, मंगल सिंह, संगीता देवी, राजेंद्र सिंह, बरौली सिंह व राजेंद्र सिंह के खेतों को अधिक नुकसान पहुंचा है।

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