Road Work: कारगी रोड के गड्ढे भरने उतरी लोनिवि की मशीनरी, सड़क के शेष भाग पर किया जाएगा पैचवर्क

कारगी रोड की दुर्दशा को लेकर जागरण ने नौ सितंबर के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। करीब डेढ़-दो साल से सड़क पर गड्ढों की भरमार है और यातायात के लिहाज से सड़क के अहम होने के बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही।

Sumit KumarThu, 23 Sep 2021 01:25 PM (IST)
आखिरकार लोनिवि निर्माण खंड ने कारगी रोड (कारगी चौक से लालपुल) की मरम्मत शुरू कर दी है।

जागरण संवाददाता, देहरादून: Road Work आखिरकार लोनिवि निर्माण खंड ने कारगी रोड (कारगी चौक से लालपुल) की मरम्मत शुरू कर दी है। सड़क के अधिक जलभराव वाले भाग पर सीमेंट की टाइल्स बिछाई जा रही हैं, जबकि शेष भाग पर पैचवर्क किया जाएगा।

कारगी रोड की दुर्दशा को लेकर जागरण ने नौ सितंबर के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि करीब डेढ़-दो साल से सड़क पर गड्ढों की भरमार है और यातायात के लिहाज से सड़क के अहम होने के बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही। वर्ष 2018 में अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद चार मीटर तक चौड़ी की गई सड़क को भी दोबारा अतिक्रमण के लिए छोड़ दिया गया। क्योंकि सड़क के मूल हिस्से को वापस लिए जाने के बाद चौड़ीकरण की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही।

खबर का संज्ञान लेते हुए लोनिवि निर्माण खंड ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, यह कार्य अभी फौरी राहत के तौर पर किया जा रहा है। क्योंकि वास्तविक रूप में यहां मरम्मत से कहीं अधिक उपयोगी चौड़ीकरण का कार्य किया जाना है। इसके तहत बिजली की लाइन व खंभों की शिफ्टिंग की जानी है। साथ ही सड़क पर सीवर लाइन भी बिछाई जानी है। लिहाजा, इन कार्यों के बाद ही सड़क का स्थायी समाधान निकल पाएगा।

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एजेंसियों में नहीं समन्वय

बेशक कारगी रोड का चौड़ीकरण प्रस्तावित है, मगर इस दिशा में कोई भी एजेंसी सक्रिय होकर काम करती नहीं दिख रही। पिछले एक साल से ऊर्जा निगम खंभों की शिफ्टिंग की तैयारी कर रहा है, मगर अभी तक इसके लिए लोनिवि निर्माण खंड को इस्टीमेट तक नहीं सौंपा गया है। वहीं, लोनिवि अधिकारी इस्टीमेट के इंतजार में ऊर्जा निगम को करीब डेढ़ करोड़ रुपये जारी नहीं कर पा रहे। दूसरी तरफ इस भाग से होकर कारगी चौक के पास तक पेयजल निगम को सीवर लाइन बिछानी है। यदि ऊर्जा निगम लाइनों की शिफ्टिंग कर देता है और सीवर लाइन नहीं बिछ पाती है, तब भी चौड़ीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाएगा। एजेंसियों का पिछला इतिहास यही बताता है कि सभी एजेंसियां यहां पर एकजुट होकर काम करने की जगह अलग-अलग समय पर काम करेंगी और चौड़ीकरण कार्य आगे खिसकता रहेगा।

कौन तय करेगी अधिकारियों की जिम्मेदारी

सड़कों पर मनमानी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की शुरुआत जिलाधिकारी कर चुके हैं। मगर, सवाल यह है कि जो अधिकारी मुस्तैदी के साथ अपना काम नहीं कर रहे, उन पर कार्रवाई कब होगी। सवाल यह भी है कि अधिकारियों की हीलाहवाली का खामियाजा जनता क्यों भुगते?

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