कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन, केंद्र सरकार का फूंका पुतला

कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन, केंद्र सरकार का फूंका पुतला

विकासनगर मंगलवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले कम्युनिस्ट पार्टी कार्यकत्र्ताओ ने कृषि कानून के विरोध में रैली निकाली और पुतला फूंका।

Publish Date:Wed, 02 Dec 2020 12:29 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, विकासनगर: मंगलवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले कम्युनिस्ट पार्टी कार्यकत्र्ताओं ने सहसपुर बाजार में जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला फूंका। पार्टी नेताओं ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए जबरन कृषि कानूनों को संसद में पास कराने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली में विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए कानून वापस लेने की मांग भी की।

कम्युनिस्ट कार्यकत्र्ताओं ने केंद्र सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए कार्यकत्र्ताओं को संबोधित करते हुए कम्युनिस्ट नेता कमरुद्दीन व पूर्व प्रधान सुंदर थापा ने किसानों के आंदोलन को सही बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एक के बाद एक नियम व कानून लाकर जनता को परेशान कर रही है। इसका विरोध आम जनता को सड़कों पर आकर करना चाहिए। ऐसा ही एक कदम कृषि कानून भी है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों का किसान कृषि कानूनों के विरोध में कई दिनों से सड़क पर है, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नहीं समझ रही है। दिल्ली जाने वाले किसानों को जगह-जगह बैरिकेटिग लगाकर रोका जा रहा है। सरकार कानून का विरोध करने वाले किसानों के साथ दु‌र्व्यवहार करने पर उतरी हुई है। कहा कि सरकार ने कारपोरेट के हितों की सेवा करते हुए अलोकतांत्रिक तरीके से कृषि कानूनों को पास किया है। किसान काफी समय से अपने-अपने राज्यों में संघर्ष कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी तरफ ध्यान ही नहीं दिया। अब जबकि किसान दिल्ली तक पहुंच गए हैं, सरकार अभी भी उनकी मांग पर विचार करने के बजाए अपनी शर्तें लगा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को किसानों की मांग माननी होगी। इस दौरान कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकत्र्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सहसपुर बाजार में जुलूस निकाला और पुतला फूंका। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधान माला गुरुंग, सुधा देवली, राजेंद्र पुरोहित, गय्यूर अहमद, इस्लाम, सोनू, शीशपाल नेगी, मोहन नौटियाल, फुरकान आदि शामिल रहे।

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