अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में केवि की तर्ज पर होगी शिक्षकों की तैनाती, बनाई जाएगी नियमावली

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में केवि की तर्ज पर होगी शिक्षकों की तैनाती।

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती का अधिकार प्रधानाचार्यों को मिलेगा। केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर इस संबंध में नियमावली बनाई जाएगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस नियमावली का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखने के निर्देश दिए।

Raksha PanthriTue, 13 Apr 2021 11:20 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, देहरादून। अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती का अधिकार प्रधानाचार्यों को मिलेगा। केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर इस संबंध में नियमावली बनाई जाएगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस नियमावली का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने सोमवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में तय किया गया कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से तैनाती का अधिकार प्रधानाचार्यों को दिया जाना चाहिए। इससे शिक्षकों के न होने से पठन-पाठन संबंधी दिक्कत का निदान प्रधानाचार्य खुद कर सकेंगे। 

केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर इस व्यवस्था को नए सत्र में प्रारंभ होने वाले अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए लागू किया जाएगा। अधिकारी जुटेंगे प्रचार-प्रसार में प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र से प्रारंभ किए जाने वाले सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का उद्घाटन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के हाथों जल्द होगा। शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में विभाग को तैयारी करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि अभी तक 189 में करीब 150 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता मिल चुकी है। शिक्षा मंत्री इस कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों का संचालन भी उत्कृष्ट विद्यालयों की भांति किया जाए। विभागीय अधिकारियों को इन विद्यालयों का प्रचार-प्रसार करने को कहा गया, ताकि छात्रों और अभिभावकों को अंग्रेजी माध्यम निजी विद्यालयों के पीछे न भागना पड़े। शिक्षकों की वरिष्ठता मसले का जल्द निस्तारण विभागीय मंत्री ने प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए। 

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि शिक्षकों की वरिष्ठता मुद्दे पर चल रहे विवाद के निपटारे को बीती एक अप्रैल को बैठक नहीं हो सकी। अगले दो-तीन दिनों में बैठक कर वरिष्ठता का मसला निस्तारित किया जाएगा। इससे प्रधानाध्यापकों के पदों पर जल्द पदोन्नति का रास्ता खुल जाएगा। एक ही परिसर में चल रहे विद्यालयों के विलय के लिए तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने के लिए विभाग को तैयारी करने की हिदायत दी गई। उन्होंने कहा में प्रदेश में नई नीति को तेजी से लागू किया जाएगा।

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