प्राथमिक स्कूलों एवं सामुदायिक केंद्रों में तैयार करें कोविड केयर सेंटर

बाल आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी की अध्यक्षता। फाइल फोटो

बाल आयोग ने गुरुवार को प्रदेश के सरकारी और निजी बाल गृहों की स्थिति का जायजा वर्चुअल बैठक से लिया। बाल गृहों के संचालक एवं अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

Sunil NegiFri, 14 May 2021 10:22 AM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रदेश में बच्चों में संक्रमण फैलने के मामलों में तेजी आई है। इस कड़ी में बाल आयोग ने गुरुवार को प्रदेश के सरकारी और निजी बाल गृहों की स्थिति का जायजा वर्चुअल बैठक से लिया। बाल गृहों के संचालक एवं अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में बच्चों के लिए प्राथमिक स्कूलों एवं सामुदायिक केंद्रों में कोविड केयर सेंटर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाल आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी की अध्यक्षता में बाल गृह संचालक, महिला कल्याण निदेशालय, प्रोबेशन अधिकारी, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन की वर्चुअल बैठक संपन्न हुई। आयोग अध्यक्ष ने जिले वार सभी निजी एवं सरकारी बाल गृहों में बच्चों की संख्या एवं संसाधनों की जानकारी ली। देहरादून की प्रोबेशन अधिकारी, मीना बिष्ट ने बताया कि दून के बाल गृह में एक से 06 साल के 20 बालक व 17 बालिका रह रही हैं। कोविड से बचाव के लिए आयोग के निर्देशानुसार कोरोना किट बाल गृह में मंगा ली गई है तथा ऑक्सीजन सिंलिंडर की मांग भी जिलाधिकारी से की गई है। बच्चों को संगीत एवं योग भी सिखाया जा रहा है। स्टाफ की डयूटी 20-20 दिन में बदली जा रही है।

बाल गृह में नए आने वाले बालक-बालिका को अलग से आइसोलेशन कक्ष में रखा जा रहा है। रीड संस्था ने बताया कि पिथौरागढ़ में उनके पास उज्ज्वला गृह बनाया गया है परंतु अभी उसमें कोई बालक नहीं है पूर्व में जो बालिकाएं थीं उनको राजकीय बालिका गृह में स्थानांतरित कर दिया गया है जिस पर आयोग अध्यक्ष ने कहा गया कि यदि सरकार को आवश्यकता हो तो संस्था अपने गृह को चाइल्ड कोविड सेंटर के लिए उपलब्ध कराए।

बाल आयोग के पूर्व अध्यक्ष अजय सेतिया ने कोविड के चलते अनाथ हुए बच्चों को भारत सरकार की ओर से दी जा रही दो हजार रुपये प्रतिमाह मदद को प्रदेश में लागू करने का सुझाव दिया गया। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि बाल विकास मंत्री रेखा आर्य को इसका प्रस्ताव दिया गया और उन्होंने तत्काल प्रभाव से इसे लागू किए जाने के आदेश दे दिए हैं।

नए बच्चों के आने पर आयोग को देनी होगी सूचना

बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि बाल गृह में किसी नए बच्चे के आने पर बाल कल्याण समिति तथा आयोग को तुरंत सूचना देनी होगी। जिन जिन संस्थानों में कोरोना किट व ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, आयोग को अवगत कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी बच्चों का आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड बनवाने को भी कहा।

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