देहरादून: पीआरडी जवानों ने सचिवालय कूच कर बुलंद की आवाज, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन; तस्वीरों में देखें

पीआरडी जवानों ने 365 दिन नौकरी मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को सचिवालय कूच किया। हालांकि पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारी पीआरडी जवानों को रोक दिया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई।

Raksha PanthriWed, 01 Dec 2021 02:52 PM (IST)
देहरादून: सड़क पर उतरे पीआरडी जवान, सचिवालय कूच के दौरान पुलिस से नोकझोंक। जागरण

जागरण संवाददाता, देहरादून : पीआरडी जवानों को सालभर रोजगार देने के साथ राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर पीआरडी जवानों ने सचिवालय कूच किया। हालांकि सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारी पीआरडी जवानों को रोक दिया। इस दौरान पीआरडी जवानों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।

कैबिनेट मंत्री का आवास घेराव और मुख्यमंत्री आवास कूच करने के बाद प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों ने बुधवार को सचिवालय कूच किया। कमलेश भट्ट के नेतृत्व में पीआरडी जवान परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। जहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकालते हुए सचिवालय कूच के लिए बढ़े।

प्रदर्शनकारी पीआरडी जवानों ने कहा कि कोरोना के मुश्किल समय में प्रदेश के विभिन्न गैर सरकारी कार्यालयों और थाना चौकियों में पाआरडी जवानों ने अपनी सेवाएं दी। लेकिन कोरोना से स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

ऐसे में उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। साल भर रोजगार न होने से पीआरडी जवानों को अपने परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

प्रदर्शनकारी पीआरडी जवानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांग पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में पदम सिंह, बिजेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, दिलावर सिंह तोमर सरिता राय, रंजना चौहान समेत अन्य मौजूद रहे।

पीआरडी जवानों की मांगे

 मार्च 2021 तक के सभी प्रशिक्षित पीआरडी जवानों को साल भर रोजगार देने के साथ राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले।  युवा कल्याण विभाग से पीआरडी विभाग को पृथक किया जाए।  मार्च 2021 तक के सभी प्रशिक्षित जवानों को राज्य कर्मचारी व सालभर रोजगार न मिलने तक सरकार की ओर से नई भर्ती न की जाए।  मार्च 2021 तक के सभी पीआरडी जवानों का सत्यापन कराया जाए एवं विभाग द्वारा आनलाइन पोर्टल बनाया जाए। इसके साथ ही जिन प्रशिक्षित जवानों को बैल्ट नंबर नहीं दिया गया उन जवानों को बैल्ट नंबर दिया जाए।

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