Uttarakhand Assembly Elections 2022: राजनीतिक वार को बैनर-पोस्टर के नारों को दे रहे धार

Uttarakhand Assembly Elections 2022 अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव का एलान होना अभी बाकी है लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक दलों में दावेदार जताने के लिए पोस्टर वार शुरू हो गया है। भाजपा भी इससे अछूती नहीं है।

Sunil NegiTue, 07 Dec 2021 03:05 AM (IST)
विधानसभा चुनाव को अभी बिगुल नहीं बजा है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने तरकश में तीर संजोने शुरू कर दिए।

केदार दत्त, देहरादून। Uttarakhand Assembly Elections 2022: विधानसभा चुनाव के लिए भले ही अभी विधिवत बिगुल नहीं बजा है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने तरकश में तीर संजोने शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में पार्टी के पोस्टर में किन-किन चेहरों और कौन-कौन से मुद्दों व नारों को जगह दी जानी है, इसे लेकर गहन मंथन चल रहा है। इसके लिए तमाम समीकरण खंगालने के साथ ही दलों के भीतर निरंतर विमर्श चल रहा है। बैनर-पोस्टर में शामिल किए जाने वाले चेहरों मेंकिसी की वजह से पार्टी के भीतर गुटबाजी को हवा न मिले, इसे लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसको लेकर विशेषकर भाजपा और कांग्रेस में अधिक मंथन ज्यादा महीन हो रहा है।

वर्तमान में भाजपा प्रदेश में सत्तासीन है तो कांग्रेस मुख्य विपक्ष की भूमिका में। दोनों ही दलों में एक नहीं अनेक चेहरे हैं तो एक-दूसरे पर वार-प्रहार को तरकश में अनेक मुद्दे भी। दोनों की कोशिश है कि चुनाव की घोषणा होने के बाद शुरू होने वाले पोस्टर से किसी भी स्तर पर नाराजगी का भाव न उभरे। इस बात का ख्याल भी रखा जा रहा है कि बैनर-पोस्टर के जरिये जनता के बीच संदेश भी ठीक से पहुंच जाए। आम आदमी पार्टी, बसपा, सपा जैसे दलों के पास राज्य में सीमित चेहरे हैं, लिहाजा, उन्हें इस पर ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ रही है।

विकास योजनाओं का दिख सकता है अक्स

पिछले विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल कर इतिहास रचने वाली भाजपा में पोस्टर वार के लिए मुद्दे तय करना शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार डबल इंजन का दम, केदारपुरी का पुनर्निर्माण, आल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को सर्वे, बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास, दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा समेत केंद्र पोषित योजनाओं के साथ ही प्रदेश सरकार के युवाओं, महिलाओं, पूर्व सैनिकों समेत विभिन्न वर्गों के लिए उठाए गए कदम को बैनर-पोस्टर में जगह दी जा रही है। कांग्रेस की पूर्ववर्ती केंद्र व राज्य सरकारों के कार्यकाल की विफलताओं की झलक इन पोस्टरों में दिख सकती है।

-मदन कौशिक (प्रदेश अध्यक्ष भाजपा) का कहना है कि 'हमने अपनी चुनावी रणनीति तय कर ली है और चुनाव में नवीनतम सूचना तकनीकी का भी प्रयोग करेंगे। जहां तक बैनर-पोस्टर की बात है तो केंद्रीय योजनाओं के साथ ही पिछले पांच साल में हमने जो कार्य किए हैं, उन्हें जनता के सामने रखा जाएगा। साथ ही डबल इंजन के महत्व को रेखांकित किया जाएगा। इसके अलावा विपक्ष की विफलताएं भी गिनाई जाएंगी।

महंगाई और पलायन की तस्वीर झलकेगी

कांग्रेस की रणनीति महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने की रहने के आसार हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पोस्टर वार में इन विषयों को उकेरने के साथ ही भू-कानून, सरकार की विफलताएं, पांच साल में तीन मुख्यमंत्री, देवस्थानम बोर्ड समेत विभिन्न मामलों रोल बैक, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, कोविड पर नियंत्रण को प्रभावी रणनीति का अभाव जैसे विषय भी जनता के समक्ष रखे जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में विमर्श चल रहा है,जल्द ही पोस्टर वार के लिए गाइडलाइन जारी की जाएगी।

-सूर्यकांत धस्माना (प्रदेश उपाध्यक्ष कांग्रेस) का कहना है कि चुनाव के दृष्टिगत हम जनता से निरंतर फीडबैक ले रहे हैं। रोजगार न मिलने से नौजवान परेशान हैं तो बढ़ती महंगाई के कारण रसोई पर मार पड़ी है। स्वास्थ्य सेवाएं लचर हाल में हैं। पांच साल में भाजपा सरकार ने तीन मुख्यमंत्री देने का काम किया, लेकिन राज्य के विकास के मोर्चे पर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन हर वर्ग परेशान है। जनहित से जुड़े इन सभी विषयों और सरकार की विफलताओं को हम पोस्टर, बैनर के जरिये भी जनता के सामने रखेंगे।

वादों की पोटली, विपक्ष पर प्रहार

आम आदमी पार्टी (आप) अपने दिल्ली माडल को यहां उतारने पर जोर दे रही है। साथ ही वह मुफ्त बिजली-पानी देने के साथ ही उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने व छह माह में एक लाख नौकरियां देने का वादा कर रही है। ये बातें वह अपने बैनर-पोस्टर में भी प्रमुखता से उकेरेगी। 21 साल में प्रदेश में राज करने वाले दलों भाजपा व कांग्रेस को घेरेगी तो शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क समेत अन्य विषयों को उठाएगी। आप अपने पोस्टर में भाजपा कार्यकाल की राजनीतिक अस्थिरता तो कांग्रेस ने मित्र विपक्ष की भूमिका पर प्रहार करने की रणनीति पर काम कर रही है।

-नवीन पिरशाली (प्रवक्ता आम आदमी पार्टी) का कहना है कि पिछले 21 वर्षों में भाजपा व कांग्रेस ने उत्तराखंड को छला है। राज्य की दुर्दशा के लिए भी ये दोनों दल जिम्मेदार हैं। हमने उत्तराखंड नवनिर्माण का विजन रखा है और उसे पोस्टर के जरिये जनता के बीच रखा जाएगा। हमारी पार्टी राज्य में मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने है। यह पहली बार होगा, जब राज्य में विधानसभा चुनाव मुद्दों पर लड़ा जाएगा

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