top menutop menutop menu

बैंक को 32 लाख की चपत लगाने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे, एक पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

देहरादून, जेएनएन। राजधानी देहरादून में वसंत विहार थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से लोन लेकर फरार हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के खिलाफ वसंत विहार थाने में धोखाधड़ी के छह मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसके साथी को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। 

एसओ नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि आरोपित प्रदीप सकलानी और कृपाल सिंह ने वर्ष 2012 में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की जीएमएस रोड शाखा से कार ऋण लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करवाए। नवंबर 2019 में आरोपित के खिलाफ वसंत विहार थाने में छह मुकदमे दर्ज किए गए थे। विवेचना में सामने आया कि आरोपितों ने शुभ प्रीमियर, धर्मपुर से फर्जी कोटेशन तैयार कर केवाइसी फॉर्म के साथ अन्य दस्तावेज बैंक में जमा कर छह कारों के ऋण के एवज में 32 लाख हड़प लिए।

आरोपितों ने विभिन्न लोगों को कार दिलाने के नाम पर फर्जी कोटेशन और दस्तावेज बैंक में प्रस्तुत कर ऋण प्राप्त कर लिया, लेकिन कोई कार नहीं खरीदी। एसओ नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपित कृपाल सिंह निवासी दीपनगर कॉलोनी को फरवरी में गिरफ्तार कर लिया था।

यह भी पढ़ें: पुष्पांजलि इंफ्राटेक के 595 फ्लैट का रेरा रजिस्ट्रेशन भी समाप्त, करोड़ों रुपये लेकर गायब हो चुका है निदेशक

वहीं, उसका साथी प्रदीप सकलानी निवासी टिहरी गढ़वाल धोखाधड़ी के अन्य मामलों में 2017 में जेल गया था और वर्ष 2019 में जमानत पर छूटने के बाद से फरार चल रहा था। बुधवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपित प्रदीप अपनी ससुराल दीपनगर आया हुआ है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़ें: सपनों का घर बनाने को लगा दी जीवनभर की गाढ़ी कमाई, हाथ लगी सिर्फ मायूसी

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.